राहुल का फार्मूला दरकिनार कर युवक कांग्रेस में होंगी नियुक्तियां

'लंबी लड़ाई के लिए तैयार हैं’, राहुल ने 'भारत जोड़ो’ यात्रा को बताया 'तपस्या’ की तरह
Share

-युवक कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में वरिष्ठ नेताओं की राय के बाद हुआ निर्णय

– जमीनी कार्यकर्ता को नहीं मिलता था मौका, धनबल से अन्य हो जाते थे पदासीन

जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। युवक कांग्रेस में पिछले एक दशक से अपनाए जा रहे राहुल गांधी मॉडल में खामियां सामने आने के बाद अब इसमें बदलाव की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। युवक कांग्रेस में राहुल मॉडल के तहत संगठन में पदाधिकारियों के चुनाव हो रहे थे, लेकिन अब इनकी नियुक्तियां भी की जाएंगी। युवक कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में इस बाबत सहमति बनी।

राजस्थान में सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों की बगावत के बाद 14 जुलाई, 2020 को तत्कालीन युवक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश भाकर को पद से बर्खास्त कर दिया गया था। भाकर की जगह विधायक गणेश घोघरा को युवक कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया था। तब से ही युवक कांग्रेस में गैरनिर्वाचित मॉडल की शुरूआत हो गई थी। दो लोगों को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उधर, पार्टी के अधिकांश वरिष्ठ नेता भी दोनों प्रमुख अग्रिम संगठनों युवक कांग्रेस व एनएसयूआई में चुनाव कराने के पक्ष में नहीं हैं। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि धनबल के आधार पर युवक कांग्रेस के पदों पर कब्जा कर लिया जाता है और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को पद नहीं मिल पाते हैं।

इन दिनों जयपुर में चल रहे युवक कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर के दौरान पहुंचे पार्टी के नेताओं ने युवक कांग्रेस में चुनाव की प्रक्रिया खत्म करने को लेकर अपना पक्ष रखा। इसके बाद तय किया गया कि दोनों संगठनों में निर्वाचन के साथ ही सीधी नियुक्तियां भी की जाएंगी। ज्ञात हो, युवक कांग्रेस और एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट यूनियन आफ इंडिया) में शुरू से ही पार्टी नेतृत्व की तरफ से अध्यक्ष नियुक्त करने और फिर वरिष्ठ नेताओं की सलाह से कार्यकारिणी बनाने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन राहुल गांधी ने इन दोनों अग्रिम संगठनों में चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसको लेकर शुरू से ही वरिष्ठ नेता असहमति जता रहे थे।


Share