गहलोत सरकार से समर्थन वापस लेगी बीटीपी

गहलोत सरकार से समर्थन वापस लेगी बीटीपी
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  डूंगरपुर में जिला प्रमुख नहीं बनने से नाराज भारतीय ट्राइबल पार्टी ने गहलोत सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की है। हालांकि पार्टी ने अभी तक सरकार को लिखित में समर्थन वापसी का पत्र नहीं दिया है, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए विधायकों ने समर्थन वापसी की बात कही है। विधायकों ने टवीट करके सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। सागवाड़ा से बीटीपी विधायक राम प्रसाद ढिल्लो ने कहा कि कांग्रेस को उनकी पार्टी के समर्थन की जरूरत नहीं है और इसलिए उन्हें भी कांग्रेस की जरूरत नहीं है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष छोटूभाई वसावा ने सोशल मीडिया पर बताया कि वे समर्थन वापस ले रहे हैं। चौरासी विधायक राजकुमार रोत ने कहा कि बीटीपी ने कांग्रेस को बचाने के लिए भाजपा से दुश्मनी मोल लेकर कांग्रेस की सरकार को बचाया, हमने जिनसे दुश्मनी ली उन्हीं से कांग्रेस हाथ मिला रही है, फिर हमारा कांग्रेस के साथ रहने से क्या मतलब।

राजस्थान में बीटीपी के दो विधायक है और पार्टी ने गहलोत सरकार को समर्थन दिया हुआ है। समर्थन वापसी गहलोत सरकार के लिए झटका साबित हो सकती है। दोनों दलों के बीच आई खटास की सबसे बड़ी वजह डूंगरपुर जिला परिषद का चुनाव है जहां जिला प्रमुख के पद पर बीटीपी समर्थित उम्मीदवार को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिलने की वजह से हार का मुंह देखना पड़ा।

डूंगरपुर में ऐसा क्या हुआ, जिससे नाराज हुई बीटीपी?

प्रदेश की राजनीति में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी चुनाव में भाजपा-कांग्रेस ने मिलकर किसी को हराया हो। यह चौंकाने वाला वाकया प्रदेश के 21 जिलों में जिला प्रमुख के चुनाव के दौरान हुआ, जब डूंगरपुर में पहले नंबर की पार्टी बनी बीटीपी को हराने के लिए भाजपा-कांग्रेस ने बीटीपी को तोड़कर निर्दलीय के रूप में जिला प्रमुख बनवा दिया।


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