इकोनॉमी की रफ्तार पर ब्रेक, चौथी तिमाही में जीडीपी गिरकर 4.1% रही, पूरे साल में 8.7% दर्ज

इकोनॉमी की रफ्तार पर ब्रेक, चौथी तिमाही में जीडीपी गिरकर 4.1% रही, पूरे साल में 8.7% दर्ज
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में सरकार को जीडीपी के मोर्चे पर झटका लगा है, चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट  4.1 फीसदी रही। जानकारों के मुताबिक विकास दर में सुस्ती का मुख्य कारण महंगाई है। महंगाई बढऩे से निवेश पर भी असर पड़ा है। आंकड़ों के मुताबिक चौथी तिमाही में देश की जीडीपी बढ़कर 40.78 लाख करोड़ रूपये हो चुकी है, जो कि पिछले साल की समान तिमाही में 39.18 लाख करोड़ रूपये थी। भारत सरकार के सांख्यिकी कार्यालय की ओर से मंगलवार को जारी डेटा के मुताबिक मार्च तिमाही में जीडीपी 4.1 फीसदी दर्ज की गई है। जबकि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए जीडीपी ग्रोथ 8.7 फीसदी दर्ज की गई। ये आंकड़े कोविड-19 की तीसरी लहर और वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी के कारण 28 फरवरी को जारी 8.9 फीसदी के आधिकारिक अनुमान से कम है। वहीं 2020-21 में देश की विकास दर 6.6 फीसदी रही थी।

तिमाही दर तिमाही जीडीपी में गिरावट : इससे पहले बीते वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में (अक्टूबर-दिसंबर) में आर्थिक विकास दर यानी जीडीपी 5.4 फीसदी रही थी। वहीं अप्रैल-जून तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 20.1 फीसदी और जुलाई-सितंबर क्वार्टर में 8.4 फीसदी रही थी। इस तरह से वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान जीडीपी ग्रोथ 8.7 फीसदी दर्ज की गई। हालांकि वित्त वर्ष 2020-21 की तुलना में वित्त वर्ष 22 में अर्थव्यवस्था की हालत बेहतर रही। इससे पहले चौथी तिमाही के लिए एसबीआई ने जीडीपी ग्रोथ रेट 2.7 फीसदी, इक्रा ने 3.5 फीसदी, क्रिसिल ने 4.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।

औद्योगिक गतिविधियों में सुधार : वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल माह में कोर सेक्टर में ग्रोथ 8.4 फीसदी रही। अप्रैल 2022 में कोयला, बिजली, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, सीमेंट और प्राकृतिक गैस उद्योगों का उत्पादन पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में बढ़ा है। मालूम हो कि कोर सेक्टर में आठ प्रमुख क्षेत्र – कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली हैं।


Share