स्वर्ण जीतने वाले जेरेमी पिता की तरह बनना चाहते थे बॉक्सर, रोचक है वेटलिफ्टिंग में आने की कहानी

स्वर्ण जीतने वाले जेरेमी पिता की तरह बनना चाहते थे बॉक्सर, रोचक है वेटलिफ्टिंग में आने की कहानी
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बर्मिंघम (एजेंसी)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में 19 साल के जेरेमी लालरिनुंगा ने भारत को वेटलिफ्टिंग में पांचवां पदक दिलाया है। जेरेमी ने 67 किलोग्राम भारवर्ग में 300 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने स्नैच में कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाते हुए 140 किलोग्राम वजन उठाया।

बॉक्सिंग छोड़ वेटलिफ्टिंग में बनाया करियर

जेरेमी ने सिर्फ छह साल की उम्र में अपने पिता के मार्गदर्शन में एक मुक्केबाज के रूप में अपना प्रशिक्षण शुरू कर दिया था। उनके पिता राष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर थे। बाद में उन्होंने भारोत्तोलन में अभ्यास करना शुरू किया। मात्र 10 साल की उम्र में उन्होंने वजन उठाना शुरू कर दिया था। इसके बाद जेरेमी ने विजय शर्मा से प्रशिक्षण लिया और बाद में उन्होंने पुणे के आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग शुरू की। 2016 में, उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया।

15 साल की उम्र में बनाया था रिकॉर्ड

जेरेमी लालरिनुंगा ने राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप में पुरूषों के 67 किग्रा वर्ग में 305 किग्रा वजन उठाया था और स्वर्ण पदक जीता था। वो युवा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने 2018 युवा ओलंपिक में पुरूषों की 62 किग्रा स्पर्धा में 274 किग्रा (124 किग्रा + 150 किग्रा) वजन उठाया था और स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उस समय उनकी उम्र महज 15 साल थी। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 306 किग्रा (140 किग्रा + 166 किग्रा) है। मिजोरम के रहने वाले लालरिनुंगा टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में विफल रहे थे। अब पेरिस ओलंपिक में उनसे पदक की उम्मीद होगी।


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