रेमडेसिविर की कालाबाजारी- 35 हजार रू में | रेमडेसिविर बेचते डॉक्टर और एमबीबीएस छात्र गिरफ्तार

केंद्र ने रेमेडिसविर इंजेक्शन का निर्यात रोका
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नगर संवाददाता . उदयपुर। शहर की स्पेशल टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम देते हुए 35 हजार रूपए में बेचा जा रहा रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ एक चिकित्सक और एक द्वितीय वर्ष एमबीबीएस के छात्र को को गिरफ्तार किया है।

एसपी डॉ. राजीव पचार ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए संजीवनी का काम करने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर शहर में जबरदस्त मारामारी है और शहर में यह इंजेक्शन अपनी मूल किमत से कई गुना अधिक किमत पर बिकने की जानकारी थी। इस पर शहर के सभी थानाधिकारियों को इस पर कार्यवाही के निर्देश दिए थे। इसी दौरान स्पेशल टीम को पता चला कि दो युवक रेमडेसिविर इंजेक्शन को उसकी मूल किमत से कई गुना किमत पर बेच रहे है। इस सूचना पर स्पेशल टीम प्रभारी डॉ. हनंवत सिंह के नेतृत्व में टीम को पीछे लगाया गया। कालाबाजारी में बेच रहे दो युवकों से सम्पर्क किया और इन युवकों ने 35 हजार रूपए में एक रेमडेसिविर इंजेक्शन को उपलब्ध करवाने का तय किया गया। दोनों युवकों ने पुलिस टीम में से बोगस ग्राहक बने पुलिस कर्मी को यह इंजेक्शन लाकर दिया और पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों युवकों को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों युवकों ने अपने नाम डॉ मोहम्मद अबीर खान पुत्र मोहम्मद अफजल खान निवासी सवीना और मोहित पुत्र शांतिलाल पाटीदार निवासी चिखली डूंगरपुर हाल एमबीबीएस स्टूडेंट सेकंड ईयर होना बताया। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

इधर जयपुर में भी कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच (सीएसटी) ने 48 जगहों पर छापा मारकर 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। यहां 15 हजार रूपए में एक इंजेक्शन बेचा जा रहा था।


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