दो स्थानीय चुनावों में भाजपा को मिली बड़ी सफलता के कई मायने

दो स्थानीय चुनावों में भाजपा को मिली बड़ी सफलता के कई मायने
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नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय जनता पार्टी ने इस माह में छोटे स्तर पर दो बड़ी जीत हासिल की हैं। इनमें से पहली जी ग्रेटर हैदराबाद नगर पालिका और दूसरा जम्मू और कश्मीर की जिला विकास परिषद (डीडीसी) का चुनाव है। इन दोनों ही चुनाव में मिली जीत के राजनीतिक स्तर पर कई मायने हैं। बता दें कि हैदराबाद के चुनाव में पहली बार ये देखने को मिला था कि राष्ट्रीय स्तर के नताओं ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई थी। इसका पार्टी को फायदा भी हुआ और यहां पर पार्टी दूसरे नंबर पर रही, जबकि असदुद्दीन औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम, जिसका यहां पर गढ़ माना जाता था तीसरे नंबर की पार्टी बनकर रह गई। इस चुनाव में पार्टी का मकसद सिर्फ औवेसी को उनके ही घर में मात देने तक सीमित नहीं था बल्कि भविष्य में यहां पर सत्ता में काबिज होने की राह खोलना भी था। इसके शुरूआती चरण में पार्टी सफल भी हुई है।

इसी तरह से जम्मू कश्मीर में हुए डीडीसी चुनाव की भी कहानी है। राज्य का दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद यहां पर हुआ ये पहला चुनाव था। इस फैसले का लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने जबरदस्त विरोध किया था। वहीं विरोध के बाद इस चुनाव में हाथ आजमाने वाली जम्मू कश्मीर में मेहबूबा मुफ्ती की पीडीपी और फारूक अब्दुल्ला की नेशनल कांफ्रेंस भारतीय जनता पार्टी से पीछे छूट गई हैं। गौरतलब है कि डीडीसी का चुनाव 280 सीटों पर हुआ था। इनमें से कुछ को छोड़कर सभी रिजल्ट घोषित कर दिए गए हैं। इनमें से अब तक भाजपा ने 77 सीटों पर जीत दर्ज कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। इसके बाद इस चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस ने अब तक 67 और निर्दलीय ने 49 सीटों पर जीत हासिल की है। कुछ वक्त पहले तक भाजपा के साथ गठबंधन करने वाली पीडीपी महज 27 सीटें ही जीतने में सफल हो सकी है। वहीं कांग्रेस 26 पर काबिज हुई है। इसके बाद अन्य पार्टियां भी हैं। कहने का अर्थ है कि भाजपा ने यहां पर अन्य सभी पार्टियों को पीछे छोड़ दिया है।

दोनों राज्यों के इन स्थानीय चुनाव में मिली जीत काफी मायने रखती है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर उज्जवल भास्कर का मानना है कि इस चुनाव का फायदा राज्य में होने वाले चुनाव में पार्टी को होगा। उनका ये भी मानना है कि जम्मू कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी ने बीते कुछ वर्षों में एक मजबूत स्थिति बनाई है। पीडीपी के साथ गठबंधन के दौरान पार्टी यहां की जनता को ये बताने में सफल साबित हुई है कि पार्टी राज्य को राजनीतिक स्थिरता देने और विकास करने में विश्वास रखती है। बता दें कि आने वाले कुछ माह में पश्चिम बंगाल में भी विधानसभा चुनाव होना है। माना जा रहा है कि भाजपा वहां पर भी पहले से बेहतर प्रदर्शन करेगी।


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