बंगाल में भाजपा बदलेगी- रणनीति दीदी पर निजी हमले करने से बचेगी

अस्पताल से ममता ने जारी किया वीडियो, कहा- 'हमले में मुझे गंभीर चोटें लगी
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कोलकाता (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। बंगाल में भाजपा का परचम लहराने के लिए गुरूवार को पुरूलिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली हुई। प्र.म. मोदी की रैली से पहले दिल्ली में कोर ग्रुप की बैठक हुई। रात करीब नौ बजे शुरू हुई ये बैठक सुबह 4 बजे तक चलती रही। नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी की बंगाल यूनिट के कोर ग्रुप के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में बंगाल चुनाव को लेकर हर मुद्दे पर चर्चा की गई। भाजपा को आखिर ये बैठक इतनी देर तक करने की जरूरत क्यों पड़ी और चुनाव में अब भाजपा की रणनीति क्या होगी?

टिकट को लेकर भाजपा के अंदर उठ रहे विरोध के स्वर

बंगाल में भाजपा भले ही जीत का दावा कर रही हो लेकिन पार्टी के अंदर अभी से टिकट के बंटवारे को लेकर घमासान मचा हुआ है। मंगलवार को पार्टी नेताओं के बीच की तनातनी उस समय सामने आग गई जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने ही नेताओं को निशाना बनाकर पत्थरबाजी की। राज्य में कई जगह पर पार्टी कार्यालय के भीतर ही विरोध प्रदर्शन चल रहा है। पार्टी के नेता टिकट बंटवारे में धोखाधड़ी का आरोप लगा रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी को देखते गृहमंत्री अमित शाह को बैठक बुलानी पड़ी। शाह ने राज्य की जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं कैलाश विजयवर्गीय, शिव प्रकाश और दिलीप घोष को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि बंगाल में पार्टी के सभी बड़े नेताओं को चुनाव में खड़ा होना चाहिए। उनका इशारा बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और एक अन्य सीनियर नेता मुकुल रॉय की ओर था।

भाजपा ने अभी आधे उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की

पश्चिम बंगाल में आठ चरण में चुनाव होने हैं। टीएमसी ने चुनाव को लेकर भले ही अपने सभी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी हो लेकिन 294 सीट वाली विधानसभा में भाजपा ने अब तक 122 उम्मीदवारों के नाम की ही घोषणा की है। खबर है कि बैठक में भाजपा के अन्य उम्मीदवारों के नाम पर भी चर्चा की गई।

टीएमसी के बाद अब भाजपा के घोषणा पत्र पर नजर

टीएमसी ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इस खास मौके पर ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी का चुनावी घोषणापत्र मां, माटी और मानुष के लिए है। टीएमसी के चुनावी घोषणापत्र के बाद हर किसी की नजर भाजपा पर टिकी हुई है। ममता का चुनावी घोषणा पत्र काफी हद तक प्रधानमंत्री मोदी की कई योजनाओं की तरह ही दिखाई पड़ता है। ऐसे में भाजपा के सामने एक बड़ी चुनौती से है कि घोषणापत्र में क्या वादे किए जाएं। देर रात हुई बैठक में भाजपा के चुनावी घोषणापत्र पर भी चर्चा की गई। सूत्रों की मानें तो बैठक में फैसला लिया गया है कि भाजपा 21 मार्च को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करेगी।

भाजपा बदलेगी चुनावी रणनीति

सूत्रों की मानें तो जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है भाजपा अपनी रणनीति में बदलाव लाने जा रही है। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में होने वाली प्र.म. मोदी की रैली से पहले अपनी रणनीति में बदलाव किया है। भाजपा अब ममता पर निजी हमले करने से बचेगी और सरकार की नाकामियों को जनता के सामने लाने का प्रयास करेगी। चुनाव प्रचार के दौरान बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी निशाने पर रहेंगी लेकिन उनपर निजी टिप्पणी नहीं की जाएगी।

ममता की चोट ने बदला चुनावी समीकरण

नंदीग्राम में घायल हुई राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व्हीलचेयर पर बैठकर बंगाल की सड़क पर रैली करती दिखाई दीं। ममता ने इस पूरी घटना को साजिश करार दिया है। ममता हर रैली में ये कह रही हैं कि भाजपा ने उन पर हमला कराया। ममता ने अब विक्टिम कार्ड खेलना शुरू किया है। बंगाल में वह मतदाताओं के बीच सहानुभूति और घायल शेरनी की छवि बनकर उभरी है। ऐसे में अब भाजपा को अपनी रणनीति बदलने को कहा गया है, जिससे ममता को लेकर लोगों में बन रही सहानभूति को तोड़कर अपनी ओर मोड़ा जा सके।


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