त्रिपुरा निकाय चुनाव में भाजपा का ‘खेला’

BJP 'played' in Tripura civic polls
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अगरतला में टीएमसी और सीपीआई का खाता भी नहीं खुला

नई दिल्ली (एजेंसी)। त्रिपुरा की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने रविवार को ममता बनर्जी की टीएमसी और वामपंथियों को निकाय चुनाव में पछाड़ दिया। भाजपा ने अगरतला नगर निगम और 13 अन्य नगर निकायों पर आसानी से कब्जा कर लिया। भाजपा ने निकाय चुनाव में 334 सीटों में से 329 सीटें जीती। टीएमसी के खाते में एक सीट आई। जबकि सीपीआई माले को तीन सीट पर जीत मिली। जबकि एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में रही।

2018 में पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में सत्ता में आने के बाद अपना पहला निकाय चुनाव लड़ते हुए भाजपा ने सांप्रदायिक तनाव, झड़पों और अदालती लड़ाइयों के बीच विपक्ष की कमजोर चुनौती को कड़ी टक्कर दी और आसानी से जीत हासिल की। 51 सदस्यीय अगरतला नगर निगम के किसी भी वार्ड से टीएमसी और सीपीआई माले एक भी सीट नहीं जीत पाई। यहां सभी सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल की।

निकाय चुनाव का परिणाम

राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि भाजपा का दबदबा इतना अधिक था कि उसने 15 सदस्यीय खोवाई नगर परिषद, 17 सदस्यीय बेलोनिया नगर परिषद, 15 सदस्यीय कुमारघाट नगर परिषद और नौ सदस्यीय सबरूम नगर पंचायत के सभी वार्डों पर कब्जा किया। उन्होंने बताया कि पार्टी ने 25 वार्ड धर्मनगर नगर परिषद, 15 सदस्यीय तेलियामुरा नगर परिषद और 13 सदस्यीय अमरपुर नगर पंचायत में क्लीन स्वीप किया। वहीं, सोनमुरा नगर पंचायत और मेलाघर नगर पंचायत बिना किसी विरोध के भाजपा ने सभी 13 सीटों पर जीत हासिल की है। भाजपा ने 11 सदस्यीय जिरानिया नगर पंचायत में भी जीत हासिल की।

सीएम बिप्लब देव ने जताई खुशी

मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने राज्य में सांप्रदायिक हिंसा पर विपक्ष की आग में जीत को ‘ऐतिहासिकÓ करार दिया और कहा कि त्रिपुरा के लोगों ने भाजपा का विरोध करने वालों को करारा जवाब दिया है। देब ने कहा, जिन लोगों ने त्रिपुरा को बदनाम करने की कोशिश की, उन्हें देखना चाहिए कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों ने मिलकर विकास के पक्ष में मतदान किया है।


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