बिहार विधानसभा चुनाव – पहली बार मॉडल-3 ईवीएम का हो रहा प्रयोग

बिहार विधानसभा चुनाव
Share

पटना (एजेंसी)। बिहार विधानसभा के आम चुनाव को लेकर प्रथम चरण की ईवीएम जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। चुनाव आयोग के निर्देश पर राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के लिए ईवीएम और वीवीपैट मशीन सभी जिलों में जून के अंतिम सप्ताह में मंगा ली गई थी।

इसके बाद आयोग के निर्देश पर राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को सभी ईवीएम की फस्र्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) शुरू करने का निर्देश दिया था। इस प्रक्रिया के तहत करीब डेढ़ महीने में सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीन की जांच की गई है। निर्वाचन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अब सभी जिलों में एफएलसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिन ईवीएम में थोड़ी बहुत तकनीकी परेशानी दिखाई दी, उसे अलग कर ईवीएम बनाने वाली कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञ द्वारा ठीक कर दिया गया है।

जांच में सोशल डिस्टेंसिंग का रखा गया ख्याल

जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग के निर्देशानुसार ईवीएम की जांच के दौरान सभी जिलों में मान्यता प्राप्त प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई। साथ ही सभी जिलों में कोरोना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन किया गया। वहीं, बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर पहली बार मॉडल-3 ईवीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह ईवीएम पूर्व के मॉडल से काफी उन्नत है और इसमें कोई भी बाहरी हस्तक्षेप संभव नहीं है।

बाहरी हस्तक्षेप पर काम करना बंद कर देगा ईवीएम

इस मशीन की कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट आपस में संवाद करने में सक्षम है। यदि बाहर से कोई कंट्रोल यूनिट या बैलेट यूनिट लगाई जाएगी तो इसके डिजिटल सिग्नेचर मैच नहीं होगा और सिस्टम काम करना बंद कर देगा। एम-3 ईवीएम में 24 बैलेट यूनिटें (एक बैलट यूनिट में 16 उम्मीदवार) जोड़ी जा सकती हैं। इससे पूर्व टाइप 2 ईवीएम में सिर्फ 64 उम्मीदवारों को ही लेने की क्षमता थी।

बिहार में ईवीएम मॉडल 2 से हुए हैं पिछले चुनाव

बिहार में पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव 2019 ईवीएम के मॉडल 2 से कराए गए थे। एक तो इसका सॉफ्टवेयर पुराना हो चुका है। दूसरा इसमें तकनीकी गड़बड़ी जल्द ठीक होनी मुश्किल होती थी। तकनीकी खराबी को जांच के बाद ही दुरूस्त किया जा सकता था। इसके अतिरिक्त मॉडल 2 ईवीएम में बैलेट यूनिट भी कम संख्या में जोड़े जा सकते थे।


Share