राजस्थान की पोक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला- 9 दिन में सुनाया फैसला- रेपिस्ट को 20 साल की सजा

राजस्थान की पोक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला- 9 दिन में सुनाया फैसला- रेपिस्ट को 20 साल की सजा
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राजधानी जयपुर की पोक्सो कोर्ट-3 मेट्रो-1 ने 10 वर्षीय मासूम बच्ची से हुए रेप केस के बाद महज 9 दिन में मंगलवार को अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने अभियुक्त कमलेश मीणा को 20 साल की सजा सुनाई है। यह राजस्थान का संभवतया पहला मामला है जिसमें इतनी जल्दी ट्रायल हुआ है। मासूम के साथ 27 सितंबर को कोटखवादा थाना इलाके में हुआ रेप हुआ था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुये आरोपी को तत्काल गिरफ्तार महज 7 घंटे में चालान पेश कर दिया था। उसके बाद अभियोजन ने 5 कार्य दिवस में ट्रायल किया पूरा किया। वहीं राजस्थान में पहली बार इस मामले में वीसी से पीडि़ता के बयान हुये थे। फैसला जज विकास खंडेलवाल की कोर्ट ने सुनाया है। पीडि़ता अस्पताल में भर्ती होने के के कारण कोर्ट नहीं आ सकती थी। इसलिये उसके बयान वीसी के माध्यम से दर्ज किये गये थे। कोर्ट ने रेपिस्ट कमलेश मीणा पर दो लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया है। फैसला सुनाने जाने के दौरान वह कोर्ट रूम में सिर झुकाए खड़ा रहा।

यह है पूरा मामला

कोटखावदा थाना इलाके में 26 सितंबर की शाम को कमलेश मीणा ने बच्ची को उसके घर छोडऩे के बहाने पास के खेत मे ले जाकर रेप किया था। अभियोजन के अनुसार बच्ची घर का सामान लेने बाहर गई थी। वहां आरोपी उससे मिला। उसने बच्ची से कहा कि वह उसके चाचा को रूपए देने उसके घर ही जा रहा है। वह उसके साथ चले। वह उसे घर छोड़ देगा। लेकिन उसके बाद कमलेश ने पीडि़ता को सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। वहीं उसे जान से मारने की नीयत से उसका गला भी दबाया। बच्ची को मरा समझ आरोपी वहां से फरार हो गया।

पुलिस ने 7 घंटे में किया था चालान पेश

घटना के बाद कोटखावदा थाना पुलिस ने मामला दर्ज करके आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया। आरोपी की गिरफ्तारी के महज 7 घंटे बाद ही मामले में चालान पेश कर दिया। उसके बाद अभियोजन की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक रचना मान ने कोर्ट से मामले के शीघ्र विचारण का अनुरोध किया। इसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए ट्रायल शुरू किया। अभियोजन ने मामले में तेजी दिखाते हुए मात्र 5 कार्य दिवस में ट्रायल पूरा कर सोमवार को अंतिम बहस की थी।


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