राज्यसभा चुनाव से पहले जयपुर में कांग्रेस की दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला, अफसरशाही पर बरसे खाचरियावास, बोले-जनता के काम नहीं करते

राज्यसभा चुनाव से पहले जयपुर में कांग्रेस की दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला, अफसरशाही पर बरसे खाचरियावास, बोले-जनता के काम नहीं करते
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  कांग्रेस चिंतन शिविर में किए गए बड़े फैसलों को धरातल पर उतारने से पहले अब विधायकों और प्रमुख नेताओं की राय ली जा रही है। युवाओं को 50 फीसदी पद देने, वन फैमिली-वन टिकट और लगातार पांच साल से ज्यादा एक पद पर नहीं रहने के प्रावधानों के साथ अगले चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन सुधारने पर मंथन हो रहा है।

इस दौरान प्रताप सिंह खाचरियावास ने अफसरशाही पर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि अफसर जनता के काम नहीं करते। उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से जनता में गलत मैसेज जाता है।

अफसरशाही पर बरसे मंत्री खाचरियावास

कांग्रेस के एक्शन टेकन कैंप में अफसरशाही पर फिर सवाल उठे हैं। खाचरिसावास ने बैठक में जनता के काम अटकाने वाले अफसरों पर सख्त कार्रवाई करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को कई अफसर जनता तक पहुंचने में रोड़े अटका रहे हैं। उनका इलाज करना जरूरी है।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा- मैंने आज बैठक में बोला है कि कई अफसर महान हैं। जो प्रशासन शहरों के संग अभियान में पट्टे बांटने में बाधा बन रहे हैं। बेवजह फाइलें घुमा कर डिले कर रहे हैं। अब जनता की पट्टों से जुड़ी फाइलें घुमाने वाले अफसरों को घुमाने का वक्त आ गया है। अफसरशाही का रवैया ठीक नहीं है।

भाजपा से मुकाबले के लिए एकजुट होने और फील्ड में काम करने की नसीहत

कैंप में खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने ग्राउंड पर भाजपा से मुकाबले के लिए संगठन को मजबूत करने का सुझाव दिया। खाचरियावास ने कहा कि कांग्रेस नेता मनोबल उंचा रखें और ग्राउंड तक सरकार के काम को पहुंचाएं। कार्यकर्ताओं के मनोबल को ऊपर रखने के लिए सबको साथ लेकर जनता में एकजुटता से मैसेजे देना होगा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहन प्रकाश ने कांग्रेस संगठन को मजूबत करने के साथ कार्यकर्ताओं को ग्राउंड पर रहकर मुकाबले के लिए तैयार करने का सुझाव दिया।

डोटासरा ने चिंतन शिविर के फैसलों को धरातल पर लागू करने के लिए कहा

कार्यशाला की शुरूआत में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नेताओं से कहा कि चिंतन शिविर के फैसलों को धरातल पर लागू करने पर नेताओं के सुझावों को सौ फीसदी लागू करना संभव नहीं होगा। फाइनल फैसला एआईसीसी के स्तर पर होगा। यह कतई नहीं माना जाए कि जो कह दिया वह लागू होगा।

कैंप में खाली पदों पर भरने के लिए नेताओं से सुझाव लिए जा रहे हैं। कांग्रेस चिंतन शिविर के बड़े फैसलों को लागू करने से पहले अब भी हाईकमान की मंजूरी का इंतजार होगा।

बूथ और ब्लॉक के बीच मंडल बनेंगे

कांग्रेस में भाजपा की तर्ज पर अब मंडल बनेंगे। बूथ और ब्लॉक के बीच एक नई यूनिट मंडल बनाई जाएगी। कैंप में नेताओं से मंडलों के गठन पर बात होगी।

बाड़ेबंदी की तैयारी

राज्यसभा चुनावों में भाजपा समर्थक निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा के मैदान में उतरने से कांग्रेसी खेमे की चिंताएं बढ़ गई हैं। कांग्रेस को अब बदले हुए हालात में क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है। कुछ कांग्रेस और समर्थक विधायकों

की नाराजगी के बाद समीकरण गड़बड़ाते दिख रहे हैं। तीसरे उम्मीदवार की जीत पर खतरा पैदा हो गया है। कांग्रेस और समर्थक विधायकों को एकजुट रखने के लिए 3 जून से उदयपुर में बाड़ेबंदी की तैयारी की जा रही है। जिस होटल में कांग्रेस का चिंतन शिविर हुआ था, वहीं विधायकों की बाड़ेबंदी की तैयारी है।


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