बीटिंग द रिट्रीट, ‘एबाइड विद मी’ की जगह अब बजेगी ‘ए मेरे वतन के लोगों’ की धुन

Beating the retreat, 'Ae Mere Watan Ke Logon' to replace 'Abide with Me'
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नई दिल्ली (एजेंसी)। इस साल 29 जनवरी को होने वाले ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह में 1950 के बाद पहली बार पारंपरिक ईसाई गान ‘एबाइड विद मी’ को हटा दिया गया है। सेना में ‘भारतीयकरण’ को आगे बढ़ाने की कोशिशों के मद्देनजर इस प्रतिष्ठित धुन की जगह अब देशभक्ति से सराबोर हिंदी गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ की धुन बजाई जाएगी।

इस बार ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह के लिए 26 धुनों की आधिकारिक सूची में ‘एबाइड विद मी’ नहीं है। सरकार के सूत्रों ने बताया कि गाने को मास बैंड्स ने इस तरह से रूपांतरित किया है कि घंटियाँ बजती रहेंगी जैसे उन्होंने ‘एबाइड विद मी’ के साथ की थी। ‘एबाइड विद मी’ बीटिंग द रिट्रीट समारोह की एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा रही है। इसे बदलने के लिए उपयुक्त भारतीय धुन की तलाश के लिए पिछले साल के मध्य से प्रयास चल रहे थे।

एक शीर्ष रक्षा सूत्र ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए लगभग छह धुनों पर विचार किया गया था, जिसमें कुछ धुनें जो पहले से ही भारतीय सैन्य बैंड द्वारा उपयोग की जा चुकी हैं, और तीन नई धुनें जो निजी संस्थाओं द्वारा भेजी गई थीं।

‘एबाइड विद मी’ की जगह इन धुनों पर किया गया था विचार

एक सूत्र ने कहा, ऐ मेरे वतन के लोगों के अलावा, जिन धुनों पर विचार किया गया था, उनमें सारे जहां से अच्छा, दे शिवा बर मोहे (गुरू गोबिंद सिंह द्वारा रचित एक भक्ति भजन) और ऐ मालिक तेरे बंदे हम शामिल थे, जो कि उनके लोगों के अलावा निजी संस्थाओं के द्वारा भेजे गए थे। हालांकि, इन सब धुनों में से ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ पर अंतिम मुहर लगी और इसे ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह की समापन धुन के रूप में ‘एबाइड विद मी’ को बदलने के लिए चुना गया।

जुलाई 2021 में मांगी गई थी धुन

सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय समारोह कल्याण ने पिछले साल जुलाई में पूरी हिंदी गीतों के साथ नई धुन के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं, ताकि उसे बीटिंग द रिट्रीट समारोह जैसे महान राष्ट्रीय औपचारिक कार्यक्रमों के अंत में सैन्य बैंड द्वारा बजाया जाए।

नौसेना बैंड चार धुन और आर्मी बैंड तीन धुन बजाएगी

समारोह के अंत में बजने वाले अन्य धुनों में ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ और ‘ड्रमर कॉल’ शामिल हैं जिन्हें मास बैंड द्वारा बजाया जाता है। राष्ट्रपति के काफिले के पीछे हटने पर ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन बजेगी। नौसेना बैंड चार धुन बजाएगी, आर्मी बैंड तीन धुन बजाएगी, जबकि चार धुन वायुसेना बैंड द्वारा बजाए जाएंगे, जिसमें फ्लाइट लेफ्टिनेंट एल एस रूपचंद्र द्वारा एक विशेष लड़ाकू धुन भी शामिल है। पूरे आयोजन में 44 बिगुल बजाने वाले, 16 तुरही और 75 ढोल वादक हिस्सा लेंगे।

‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह में पहली बार जलवा बिखेरेंगे ड्रोन और लेजर शो

राष्ट्रीय राजधानी में 29 जनवरी को होने वाले वार्षिक बीटिंग रिट्रीट समारोह में इस बार लगभग एक हजार ड्रोन जलवा बिखेरते नजर आएंगे। आईआईटी दिल्ली से जुड़ा एक स्टार्टअप आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मद्देनजर इन ड्रोन के शो का प्रदर्शन करेगा। इसके साथ ही बीटिंग रिट्रीट समारोह में आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की प्राचीरों पर पहली बार एक लेजर शो आयोजित किया जाएगा. यह पहली बार होगा, जब बीटिंग रिट्रीट समारोह किसी लेजर शो और ड्रोन शो का गवाह बनेगा।


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