भारत-पाक के बीच ‘बैकचैनल वार्ता खत्म

'Backchannel talks' between India and Pakistan end
Share

इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान और भारत के बीच पर्दे के पीछे से चल रही बातचीत बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि दोनों पक्ष उन कदमों पर सहमत होने के लिए मुश्किलों का सामना कर रहे हैं जो संबंधों में धीमे लेकिन धीरे-धीरे सुधार का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में एक जानकार सूत्र के हवाले से इसकी जानकारी दी गई है। इस ताजा घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीद एक बार से खत्म हो गई है।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है, बातचीत चल रही है लेकिन एक ऐसे बिंदु पर पहुंच गई है, जहां चीजें कहीं नहीं जा रही हैं। सूत्र ने बताया कि दोनों पक्षों से गतिरोध को तोडऩे की इच्छा हुई है, लेकिन मुद्दा यह है कि इस बिंदु से आगे कैसे बढऩा है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में राजनीतिक अनिश्चितता के कारण प्रक्रिया धीमी हुई है।
मोदी पाकिस्तानी समकक्ष को बधाई देने वाले पहले नेताओं में से एक
इस आशावाद ने जो प्रेरित किया वह यह था कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पाकिस्तानी समकक्ष शहबाज शरीफ को बधाई देने वाले पहले नेताओं में से एक थे, जब बाद में उन्होंने अप्रैल में पदभार ग्रहण किया था। सूत्र ने कहा कि पीटीआई सरकार के कार्यकाल के दौरान शुरू हुए बैकचैनल संपर्कों ने सरकार बदलने के बाद अप्रैल में गति पकड़ी। लेकिन ‘गहन बैकचैनल कूटनीति के बावजूद, दोनों पक्ष अपने-अपने मुद्दों पर एक इंच भी झुकने को तैयार नहीं थे।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने सूत्र के हवाले से आगे कहा, पाकिस्तान चाहता है कि भारत को संबंध सामान्य करने की कोई प्रक्रिया शुरू होने से पहले कश्मीर के संबंध में कदम उठाना चाहिए। हालांकि, नई दिल्ली, इस्लामाबाद में पहले द्विपक्षीय व्यापार को फिर से शुरू करने का विकल्प तलाशने में अधिक रूचि रखता है। संबंधों में घर्षण ने पाकिस्तानी और भारतीय विदेश मंत्रियों को ताशकंद में शंघाई सहयोग संगठन की हालिया बैठक में एक-दूसरे के साथ बातचीत करने से रोक दिया था।
अनुच्छेद 370 को कश्मीर से खत्म करने के बाद से संबंध खराब : दोनों देशों के बीच तनाव का असर था कि पाकिस्तान और भारत के विदेश मंत्री शंघाई सहयोग संगठन की ताशकंद में हुई बैठक में नहीं मिले। भारत के अनुच्छेद 370 को कश्मीर से खत्म करने के बाद से ही दोनों देशों के बीच संबंध खराब चल रहे हैं। इसके बाद से दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते निचले स्तर पर पहुंच चुके हैं। हालांकि इसके बाद भी इमरान राज में दोनों पक्षों के बीच पर्दे के पीछे से बातचीत चल रही थी।


Share