फोन टैपिंग हंगामें की भेंट चढ़ी विधानसभा

फोन टैपिंग हंगामें की भेंट चढ़ी विधानसभा
Share

जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। फोन टैपिंग पर राजस्थान सरकार के कबूलनामे पर सियासी हलकों से लेकर विधानसभा तक माहौल गरमा गया है। फोन टैपिंग पर मंगलवार को विधानसभा में भाजपा ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के कारण स्पीकर को 4 बार सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। पहले 12.30 बजे और फिर 1 बजे और फिर 1.40 बजे आधे-आधे घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। 2.10 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। लेकिन 3.15 बजे फिर हंगामे के कारण सदन को चौथी बार आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा।

हंगामे के बीच ही सदन में अनुदान की मांगों पर बहस

दोपहर 2.10 पर सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विधानसभा स्पीकर ने फोन टैपिंग पर नए तथ्य दिए बिना सदन में चर्चा करवाने से इनकार कर दिया। चर्चा नहीं कराने से नाराज भाजपा विधायकों ने फिर से वेल में नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे और नारेबाजी के बीच ही विधानसभा में उच्च शिक्षा और खेल की अनुदान मांगों पर बहस चल रही है। फोन टैपिंग पर अब सदन में गतिरोध बन गया है। भाजपा ने फोन टैपिंग पर चर्चा के बिना विधानसभा की कार्यवाही चलने देने से इनकार कर दिया है।

भाजपा विधायक मदन दिलावर सदन से 7 दिन के लिए निलंबित

हंगामे और नारेबाजी के बीच भाजपा विधायक मदन दिलावर को 7 दिन के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया गया। संसदीय कार्यमंत्री शांति धरीवाल ने दिलावर को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। इसे ध्वनिमत से पारित किया गया। इसके बाद स्पीकर ने दिलावर को सदन से बाहर जाने के लिए कहा। इसी दौरान स्पीकर ने मार्शल को दिलावर को सदन से बाहर निकालने के आदेश दिए। इस पर भाजपा विधायकों ने दिलावर के चारों तरफ घेरा बना दिया। हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ने विधानसभा की कार्यवाही को चौथी बार 3.15 बजे स्थगित कर दिया।

स्थगन प्रस्ताव खारिज होने से भड़के भाजपा विधायक

शून्यकाल शुरू होते ही स्थगन प्रस्ताव खारिज होने से नाराज भाजपा विधायकों ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी की। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और विधायक कालीचरण सराफ ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए फोन टैपिंग का मामला उठाना चाहा।  स्पीकर सीपी जोशी ने मंजूरी नहींं दी। नाराज भाजपा विधायकों ने सदन में वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी।

भाजपा चर्चा पर अड़ी, स्पीकर ने कहा- नए तथ्य दीजिए

1.30 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ने कहा- फोन टैपिंग पर आपके पास स्थगन प्रस्ताव के अलावा कोई नए तथ्य हैं तो दीजिए। आज ही चर्चा करवाकर सदन में सरकार का जवाब दिलवा दिया जाएगा, लेकिन स्थगन प्रस्ताव खारिज करने के अध्यक्ष के फैसले का रिव्यू नहीं होगा। इस पर नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने कहा कि हमारी मजबूरी है कि हम इस पर आज चर्चा किए बिना कार्यवाही आगे नहीं बढऩे देंगे। सरकार का जवाब चाहे कल आ जाए।

आपको मेरे फैसले पर विश्वास नहीं तो मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते

अध्यक्ष के स्थगन खारिज होने के बाद भाजपा विधायकों ने वेल में आकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी।  नाराज स्पीकर ने कहा, मैंने सोच समझकर व्यवस्था दी है। मैं अध्यक्ष की व्यवस्था पर आपको सवाल उठाने की अनुमति नहीं दे सकता।

आपको अध्यक्ष के फैसले पर विश्वास नहीं हैं तो आप मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं।


Share