विधानसभा बजट सत्र सीएम का पेंशन पर बड़ा ऐलान, अप्रैल से एनपीएस वाले कर्मचारियों के वेतन से 10% कटौती बंद, रिटायरमेंट पर ब्याज सहित मिलेगा कटा पैसा

Assembly budget session CM's big announcement on pension, 10% deduction from salary of NPS employees stopped from April, money will be deducted with interest on retirement
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) को खत्म करके ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की घोषणा के बाद सीएम अशोक गहलोत ने अब 1 अप्रैल से कर्मचारियों के वेतन से कटौती खत्म करने की घोषणा की है। जनवरी 2004 से भर्ती हुए कर्मचारियों के मूल वेतन से हर माह होने वाली 10 फीसदी कटौती को अगले महीने से खत्म कर दिया है। इसके अलावा पहले हुई कटौती को पेंशनर्स मेडिकल फंड की राशि आरजीएचएस में समायोजित करने के बाद बचे हुए पैसे को रिटायरमेंट के वक्त ब्याज सहित देने की घोषणा की है। एप्रोप्रिएशन बिल पर बहस के जवाब में गहलोत ने कहा कि 1 अप्रैल से कर्मचारियों को बढ़ा हुआ पैसा मिलेगा। कटौती खत्म करने से हर कर्मचारी को प्रतिमाह 2000 से लेकर 10 हजार रुपए तक बढ़ा हुआ पैसा मिलेगा। गहलोत ने बजट में 2004 और उसके बाद भर्ती कर्मचारियों पर लागू न्यू पेंशन स्कीम खत्म कर इसी साल से 1 अप्रैल से ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की घोषणा की थी। न्यू पेंशन स्कीम में कर्मचारी के मूल वेतन से 10 फीसदी पैसा एनपीएस के लिए काटा जाता था, उतना ही पैसा सरकार मिलाती थी।

5.50 लाख कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीम में थे, इन्हें मिलेगा अब फायदा

राज्य में न्यू पेंशन स्कीम के तहत सरकारी विभागों में 5 लाख 22 हजार कर्मचारी हैं, इसके अलावा 38000 कर्मचारी ऑटोनोमस बॉडीज में काम कर रहे हैं।

न्यू पेंशन स्कीम के 25 हजार करोड़ बैंक में जमा

न्यू पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारियों के वेतन से काटे गए एनपीएस अंशदान और सरकार के योगदान को मिलाकर करीब 25 हजार करोड़ रुपए ट्रस्टी बैंक में जमा हो चुका है। इसमें से 13.24 प्रतिशत राशि शेयर मार्केट और विभिन्न कम्पनियों में लगाई गई है। निवेश की गई इस रकम की मौजूदा वैल्यू 31 हजार करोड़ से ज्यादा है।

नई पेंशन स्कीम में 5 साल में 2441 कर्मचारी रिटायर

न्यू पेंशन स्कीम में 2016 से लेकर मार्च 2022 तक रिटायर होने वाले कर्मचारियों की संख्या 2441 होगी। विधानसभा के सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2021 तक नई पेंशन वाले 1718 कर्मचारी रिटायर हुए हैं, जबकि इस साल मार्च तक 726 कर्मचारी रिटायर होंगे।

खिलाडिय़ों को 40 साल की उम्र के बाद 20 हजार रुपए पेंशन, जयपुर में खुलेगा महिला कोऑपरेटिव बैंक

सीएम अशोक गहलोत ने एप्रोप्रिएशन बिल पर बहस का जवाब देते हुए कई घोषणाएं की हैं। उन्होंने खिलाडिय़ों के लिए पेंशन योजना लागू करने का ऐलान किया। इसके तहत खिलाडिय़ों को 40 साल की उम्र पूरी करने पर 20 हजार प्रतिमाह की पेंशन दी जाएगी। पेंशन के लिए पात्रता के नियम अलग से जारी किए जाएंगे। महिलाओं को कर्ज देने के लिए जयपुर में अलग से महिला कोऑपरेटिव बैंक खोला जाएगा। इस बैंक को सरकार शुरुआत में 250 करोड़ रुपए का फंड देगी।

एक नजर में अन्य घोषणाएं

  • -फूड सेफ्टी निदेशालय बनेगा।
  • -500 स्कूलों में नए संकाय खुलेंगे।
  • -बालिका दूरस्थ शिक्षा योजना लागू होगी, इसमें पूरा खर्च को रिएम्बर्स किया जाएगा।
  • -9 से 12 वीं तक की कक्षाओं के लिए 50 करोड़ की लागत से ई लाइब्रेरी।
  • -2 लाख बालिकाओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • -शांति व अहिंसा निदेशालय पर 5 करोड़ खर्च होंगे।
  • -खादी कामगार आर्थिक प्रोत्साहन योजना लागू होगी, 18 करोड़ खर्च होंगे।
  • -अगले साल से राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता, ग्रामीण ओलिंपिक भी होगा।
  • -ग्रामीण ओलिंपिक में पदक जीतने वालों को पंचायत स्तर पर संविदा भर्तियों में प्राथमिकता।
  • -अगले साल 5000 नई राशन की दुकानें खोली जाएंगी।
  • -स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील में ?दो दिन दूध दिया जाएगा। इस पर 500 करोड़ खर्च होंगे।
  • -शहरों में लिक्विड कचरे से मीथेन गैस बनाने के प्लांट लगेंगे।
  • -प्रशासन शहरों के संग अभियान में पट्टा मिलने के 3 साल बाद अब जमीन-मकान बेच सकेंगे, पहले 10 साल तक बेचने पर प्रतिबंध था।
  • मंडियों पर .5 फीसदी यूजर चार्ज को घटकर .2 फीसदी करने की घोषणा।
  • -डेयरी संघों को निर्देशित किया जाएगा कि दूध के दाम नहीं बढ़ाए जाएं।
  • -बारां में डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट लगेगी।
  • -ईटीटी प्रयोगशालाएं लगेंगी।
  • -खारे पानी से झींगा उत्पादन को देखते हुए चूरू में मत्स्य पालन विभाग का दफ्तर खुलेगा।
  • -चूरू किले के जीर्णोद्धार के लिए 5 करोड़ की घोषणा।
  • -क्रेडिट कॉपरेटिप सोसाइटीज की ठगी रोकने के लिए वित्त विभाग के अधीन अलग से डायरेक्ट्रेट ऑफ इकोनॉमिक ऑफेंस बनाने की घोषणा।
  • -जमीनों की धोखाधड़ी रोकने के लिए सोसाइटी एक्ट में संशोधन होगा।
  • -57 पंचायत समित मुख्यालयों पर सीडीपीओ, बीसीएमएचओ दफ्तर खुलेंगे।

गहलोत बोले- भाजपा की मार्केटिंग में मास्टरी, हम काम ज्यादा करते हैं, मार्केटिंग कम

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि बजट को धरातल पर उतारा जाएगा। बजट की घोषणाओं को लागू करेंगे। इस पर आशंका जताने की जरूरत नहीं। बजट घोषणाओं की 100 प्रशासनिक स्वीकृतियां निकाल दी हैं। विपक्ष जानबूझकर बोल रहा है कि बजट लागू कैसे होगा? ?बीजेपी की तो मास्टरी है कि मार्केटिंग शानदार करनी है, चाहे काम कम करो। हम काम में लगे रहते हैं, मार्केटिंग नहीं करते हैं। बजट को लेकर विपक्ष ने सदन के अंदर आंकड़ों के खेल में फंसाकर रखा। बजट लागू नहीं होगा, यह कहकर अलग माहौल बनाने कर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई अलग है।

आप पत्थरों में जान डाल देते हो

अशोक गहलोत ने कहा- नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटा?रिया को अपना अंदाज बदलना चाहिए। केंद्र ने बेरोजगारी के आंकड़ों को छुपा लिया। बजट बनाने वाले चाहे आपके वक्त हों या हमारे वक्त में अफसर वहीं होते हैं। पूरा भाषण ही विपक्ष अगर आंकड़ों पर दोगे तो कैसे काम चलेगा। आप तो पत्थरों में ही जान डाल लेते हो। ये आंकड़े लाते कहां से हो, आप तुलना करने में भी कलाकारी कर लेते हैं।

कटारिया भावुक होकर बोलते हैं, बीपी अप डाउन चलती रहती है

गहलोत ने कहा, विपक्ष सदन को गुमराह कर रहा है। फिस्क्ल डैफिसिट को लेकर गलत बयानी की गई। कटारिया की बोलने की अदा ही ऐसी है। कटारिया भावुक होकर बोलते हैं। गहलोत ने कटारिया से कहा, आप बीपी कंट्रोल रखकर बोला कीजिए। आप जब भाषण देते हैं तो बीपी अप-डाउन चलता रहता है। आप इस पर कंट्रोल रखिए नहीं तो आपके घर वाले मुझे उलाहना देंगे कि आप इनका ध्यान नहीं रखते। सदन का नेता हूं तो आपके फैमिली वालों का इतना हक तो मेरे पर बनता है।

बजट घोषणाओं को लागू नहीं करेंगे तो हम बदनाम होंगे, विपक्ष को क्यों चिंता?

गहलोत ने कहा कि विपक्ष बार बार कहता है कि बजट कैसे लागू होगा। आप चिंता क्यों करते हैं? हमारी सरकार की। बजट हम लागू नहीं करेंगे तो बदनाम हम होंगे। विपक्ष क्यों चिंता कर रहा है। आप क्या आगाह करोगे, जब कोई तर्क लगता हो तो आगाह कीजिए। मैंने बजट घोषणाओं पर बैठक ले ली। 100 प्रशासनिक मंजूरियां निकाल दी गई हैं। हमारा वित्तीय प्रबंधन शानदार है। खर्चा हो रहा है, इसका मतलब काम हो रहा है।

कर्ज चुकाने की औकात है, इसलिए ले रहे, औकात से ज्यादा कर्ज की इजाजत नहीं मिलती

गहलोत ने कहा कि बिना भारत सरकार की मंजूरी के बिना आप कर्ज नहीं ले सकते। जीएसडीपी हाई होगी तो कर्ज ज्यादा मिलेगा। आप भार बढऩे की बात कैसे कह सकते हैं? देश और दुनिया की सरकारें भारी कर्ज लेकर विकास करती हैं। कर्ज उसी लिमिट में लिया जाता है, जिस लिमिट में चुकाने की कैपिसिटी हो, राज्य सरकार उससे ज्यादा ले ही नहीं सकती, इसलिए कर्ज का भार बढऩे की बात गलत है। कर्ज उतना ही ले सकते हैं जितनी औकात है, हमारी कर्ज चुकाने की औकात है, इसलिए कर्ज ले रहे हैं।

बीजेपी नेता पीएम मोदी और अमित शाह से मांग करते हुए भी डरते हैं

मुख्यमंत्री ने कहा, केंद्र का राज्यों के प्रति रवैया ठीक नहीं है। हमारे हिस्से का केंद्र सरकार से 68 हजार मिलना चाहिए, किन देगी केवल 49 हजार करोड़। केंद्र सरकार केंद्रीय करों में हिस्सा कम कर रही है। राज्यों का, उस पर कोई बोल नहीं रहा। हमारा सहयोग नहीं किया जा रह है। बीजेपी के नेता ईआरसीपी को केंद्रीय परियोजना घोषित करवाने में मदद करें, हमारे साथ चलिए, कम से कम इसमें तो पैरवी कर दीजिए, मंत्री भी राजस्थान के हैं।

उन्होंने कहा, मोदी और अमित शाह से मांग करते हुए ही बीजेपी नेता डरते हैं। मोदीजी और अमित शाहजी का पता नहीं क्यों एक भय बैठ गया है कि हक की बात भी नहीं करते। मार्गदर्शक मंडल बन गया वो अलग बात है, लेकिन बाकी नेता मांग ही नहीं करते।


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