75 सालों में 10वीं बार छलकी एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की झील

Asia's second largest freshwater lake spilled for the 10th time in 75 years
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विदा होते मानसून ने खत्म किया इंतजार, जयसमंद ओवरफ्लो, हाथी पांव तक पानी पहुंचते ही लबालब होती है झील

उदयपुर। उदयपुर जिले की सभी झीलों के छलकने का अरमान जयसमंद के छलकने के साथ ही पूरा हो गया। एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की झील कही जाने वाले जयसमंद के विस्तार को देखते हुए इस बार उम्मीद की जा रही थी कि सितंबर के अंत तक छलकेगी। पिछले दिनों तेज बारिश से यह उम्मीद पूरी हो गई। तीन दिन जयसमंद पाल पर संगमरमर के हाथी के पांव तक पानी आने के बाद इस क्षण का इंतजार किया जा रहा था।  जयसमंद की कुल भराव क्षमता 27.5 है। वर्ष 1947 के बाद यह झील दसवीं बार छलकी है। 1974 में भी 23 सितंबर को ही झील छलकी थी। झील के छलकने की सूचना पाते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई तथा बड़ी संख्या में लोग पाल व झरने का दृश्य देखने पहुंचे। इस बार संडे को यहां खासी भीड़ रहने की उम्मीद है। जल संसाधन विभाग के अनुसार इस झील के छलकने से आस-पास के किसानों को भी सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा। पेयजल के लिए यह झील पहले से ही वरदान साबित हो रही है। इस झील का विस्तार इतना ज्यादा है कि कहा जाता है इसमें 9 नदी और 99 नाले गिरते हैं। ऐसे में कैचमेंट एरिया के दूर-दूर तक विस्तार के चलते इसके छलकने का हमेशा इंतजार रहता है।


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