अश्विन का वनडे टीम में वापसी पर फूटा दर्द, ‘ताने सुनता रहा कि करियर खत्म हो गया’

Ashwin's return to the ODI team caused pain, 'kept listening to taunts that career was over'
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नई दिल्ली (एजेंसी)। रविचंद्रन अश्विन के लिए 2021 यादगार रहा। पहले 4 साल बाद टी20 टीम में वापसी हुई और यह साल बीतते-बीतते ही वनडे टीम का भी टिकट कट गया। अश्विन को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 19 जनवरी से शुरू होने वाली 3 मैच की वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया में चुना गया है। अश्विन का 2021 में टेस्ट में भी प्रदर्शन यादगार रहा। उन्होंने इस साल 9 टेस्ट में सबसे अधिक 54 विकेट लिए। इसी प्रदर्शन के बूते उनकी वनडे टीम में भी वापसी हुई है। हालांकि, बीते कुछ साल से अश्विन फॉर्म से जूझ रहे थे। उनके करियर में ऐसा दौर भी आया जब उन्हें यह ताने भी सुनने को मिले कि अब उनका इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया है। उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया।

अश्विन ने ‘बैकस्टेज विद बोरिया’ शो में कहा, एक खिलाड़ी के रूप में आप अक्सर आलोचनाओं का सामना करते रहते हैं। आपको इससे उबरना होता है। कई लोगों ने मुझे खत्म बता दिया था। मैं जब चेन्नई में क्लब मैच खेलने जाता था, तो उन मुकाबलों के लिए भी काफी मेहनत करता था। लेकिन इसी दौर में मैंने कई लोगों को यह कानाफूसी करते सुना कि यह आदमी इसलिए यहां आकर क्लब क्रिकेट खेल रहा क्योंकि इसका इंटरनेशनल करियर अब खत्म हो गया है। मैं लगातार इस तरह की बातों को सुनता था। कई बार इन बातों को हंसी में टाल देना आसान होता था। लेकिन कई बार बुरा लगता था। इस ऑफ स्पिनर ने आगे कहा, कोरोना महामारी के दौरान मैंने अपनी फिटनेस पर काफी फोकस किया और मुझे इसका फायदा भी हुआ। उन्होंने आगे कहा कि महामारी में रोजाना मैं उठकर खुद से कहता था- इस बात से फर्क नहीं पड़ता है कि लोग मेरे बारे में क्यो सोचते हैं। मैं खुद से कहता था कि नहीं अभी मुझ में क्रिकेट बाकी है। मैं ऐसे ही हारकर खेल को अलविदा नहीं कहना चाहता था। यह कड़ा मुकाबला था। मैं तब दिन में 2 बार ट्रेनिंग करता था।

मैंने निश्चित ही अच्छा खाना शुरू किया, सही दिशा में ट्रेनिंग शुरू की और ज्यादा पॉजिटिव बातें सोचता था। मुझे इसका फायदा मिला।


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