दक्षिणी पैंगॉन्ग के विवादित क्षेत्र में सेना का कब्जा

दक्षिणी पैंगॉन्ग के विवादित क्षेत्र में सेना का कब्जा
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लद्दाख (एजेंसी)। चीनी सेना की घुसपैठ के दो दिन बाद भारत ने लद्दाख सीमा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। सेना के सूत्रों के मुताबिक, दक्षिणी पैंगॉन्ग के विवादित इलाके में पूरी तरह से भारत का कब्जा है। यहां की कई चोटियों पर आर्मी मौजूद है। सेना की तरफ से यह भी कहा गया है कि चोटियों पर हमारे जवान इसलिए काबिज हैं, क्योंकि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को लेकर भारत की स्थिति एकदम साफ है।

सेना के सूत्रों ने यह भी बताया कि हमने मुश्किल समझे जाने वाले स्पांगुर गैप, स्पांगुर झील और इसके किनारे की चीनी सड़क पर भी कब्जा कर लिया है। चीन लद्दाख सीमा पर कई चोटियों पर अपना दावा करता रहा है। वह पैंगॉन्ग सो झील के पूरे दक्षिणी हिस्से और स्पांगुर गैप पर भी कब्जा करना चाहता था, ताकि बढ़त हासिल कर सके।
ब्लैक टॉप पर कब्जे के साथ ही सेना ने उखाड़ दिए चीनी कैमरे और सर्विलांस सिस्टम

भारतीय सेना ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीनी साजिश को नाकाम करने के साथ ही ब्लैक टॉप पोस्ट पर कब्जा कर लिया है। 29-30 अगस्त की रात को चीनी सेना ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसका जवाब देते हुए भारतीय सेना ने न सिर्फ ब्लैक टॉप पोस्ट पर कब्जा जमाया, बल्कि चीनी सेना के कैमरे और सर्विलांस उपकरणों को हटा दिया है।

दरअसल, चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने पैंगौंग झील के दक्षिणी किनारे पर स्थित ब्लैक टॉप पोस्ट पर कैमरा और सर्विलांस सिस्टम लगाया था। इस पोस्ट पर भारतीय सेना ने कब्जा कर लिया है और कैमरे व सर्विलांस उपकरण को उखाड़ फेंका है।

सूत्रों ने बताया कि ब्लैक टॉप पोस्ट पर कैमरा और सर्विलांस सिस्टम के लगे होने के बाद भी भारतीय सेना ने चीनी सेना को पीछे खदेड़ा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस पोस्ट पर कब्जा कर लिया है। भारतीय सेना ने ब्लैक टॉप पोस्ट से कैमरे और सर्विलांस सिस्टम को हटा दिया है। यह पोस्ट एलएसी के इस तरफ भारतीय सीमा में आती है।

सूत्रों ने कहा कि चीन ने अपने सीमा निगरानी तंत्र को स्वचालित बनाया है और भारतीय सैनिकों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए कैमरे और सेंसर तैनात लगाए हैं। ठाकुंग के पास की ऊंचाई के पास भी चीनी सेना, भारतीय सेना की ऊंचाई और उसकी आवाजाही पर कड़ी नजर रखती थी।

बैकफुट पर चीन, विदेश मंत्री और मंत्रालय दोनों के बयान आए

भारत के ठोस दावे के बाद चीन की बौखलाहट दिखी। विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, भारत और चीन के बीच विवाद की वजह सीमा का निर्धारण न होना है। इसके चलते हमेशा समस्या बनी रहेगी। फिर भी हम भारत से बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाने को तैयार हैं।

वहीं, विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि दोनों पक्षों (भारत-चीन) को तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि द्विपक्षीय रिश्तों में कोई अड़चन न आए और सीमा पर शांति कायम रहे। चीन न तो कभी युद्ध भड़काने में विश्वास रखता है, न ही हमने किसी दूसरे देश की इंच जमीन कब्जाई है। हमारी सेनाओं ने कभी भी सीमा पार नहीं की। लगता है कि कुछ कम्युनिकेशन का मसला है।

भारत की सीधी निगहबानी में आए चीनी सैनिक

भारत ने मोर्चेबंदी की कार्रवाई 29-30 अगस्त की रात को की। भारत के इस ऐक्शन से चीन इसलिए हक्का-बक्का है क्योंकि रात के अंधेरे में इस तरह की बड़ी सैन्य गतिविधियों की उम्मीद नहीं की जाती है। अब जब भारतीय सैना पहाडिय़ों पर तैनात हो गई तो रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्पांगुर गैप उसकी सीधी निगहबानी में आ गई है। स्पांगुर गैप से सैनिकों की आवाजाही सुनिश्चित हो सकती है। चीन ने इसके आसपास सड़क का निर्माण भी कर लिया है

जिसके जरिए वो टैंक और भारी वाहनों का मूवमेंट भी कर सकता है।


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