‘सुशांत का चेहरा देखकर कोई भी कहेगा कि वह अच्छा इंसान था’

'सुशांत का चेहरा देखकर कोई भी कहेगा कि वह अच्छा इंसान था'
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हाई कोर्ट ने रखा अभिनेता की बहनों के खिलाफ एफआईआर पर फैसला सुरक्षित

मुंबई (कार्यालय संवाददाता)।  बांबे हाई कोर्ट ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘एमएस धोनी’ में उनके काम को लेकर प्रशंसा की। साथ ही कहा कि कोई भी सुशांत का चेहरा देखकर यह कह सकता है कि वह एक अच्छा इंसान था।

जस्टिस एसएस शिंदे और एमएस कार्णिक की खंडपीठ ने गुरूवार को सुशांत सिंह राजपूत की बहनों प्रियंका सिंह और मीतू सिंह के खिलाफ दायर धोखाधड़ी करने और अपने भाई को बिना डॉक्टर के पर्चे के दवा देने से संबंधित एफआईआर पर सुनवाई की। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने वकीलों को अपनी लिखित दलीलें सौंपने को कहा और अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए सुशांत सिंह राजपूत पर यह टिप्पणी की।

जस्टिस शिंदे ने कहा कि मामला जो भी हो..सुशांत सिंह राजपूत का चेहरा देखकर कोई भी कह सकता था कि वह मासूम, सोबर और एक बेहद अच्छा इंसान था। हर कोई उसे पसंद करता था, खासकर एमएस धोनी फिल्म में उसके किरदार सभी ने बेहद सराहा है।

उल्लेखनीय है कि यह एफआईआर सुशांत की बहनों प्रियंका सिंह व मीतू सिंह और दिल्ली के राम मनोहर लोहिया के अस्पताल के डॉक्टर तरूण कुमार के खिलाफ दिवंगत अभिनेता की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने दर्ज कराई थी। इस एफआईआर में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि सुशांत की बहनों और डॉक्टर ने फर्जी प्रिस्क्रिप्शन की मदद से भाई को एंटी-डिप्रेसेंट दवाइयां दी थीं। 34 वर्षीय सुशांत सिंह राजपूत का शव मुंबई में उनके फ्लैट में 14 जून, 2020 को मिला था।


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