एक बार फिर खरी उतरी एंटी टैंक मिसाइल ‘नाग’

एक बार फिर खरी उतरी एंटी टैंक मिसाइल 'नाग'
Share

जोधपुर (कार्यालय संवाददाता)। थार के रेगिस्तान में पोकरण स्थित देश की सबसे बड़ी फील्ड फायरिंग रेंज गुरूवार सुबह एंटी टैंक मिसाइल ‘नाग’ के धमाकों से गूंज उठी। जमीन से जमीन पर हमला करने में सक्षम यह मिसाइल 825 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दुश्मन के टैंक पर हमला कर उसे ध्वस्त करने में सक्षम है। दो दिन से इस मिसाइल के परीक्षण की ट्रायल चल रही थी। चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच इस मिसाइल का परीक्षण बहुत अहम माना जा रहा है। गुरूवार सुबह सेना व डीआरडीओ के उच्चाधिकारियों की उपस्थिति में इसका अंतिम परीक्षण किया गया। मिसाइल अपने सभी मानकों पर खरी उतरी। दो अलग-अलग परीक्षण में इसने चार किलोमीटर दूर स्थित अपने लक्ष्य पर एकदम सटीक प्रहार कर उसे नेस्तनाबूद कर दिया। इसके साथ ही नाग मिसाइल के उन्नत वर्जन के सेना में शामिल किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह परीक्षण अंतिम चयन ट्रायल माना जा रहा है।

ऐसी है नाग मिसाइल : नाग मिसाइल सभी मौसम में दुश्मनों के टैंकों को न्यूनतम 500 मीटर और अधिकतर चार किलोमीटर की दूरी से भेदने की क्षमता के साथ विकसित की गई है। नाग प्रक्षेपास्त्र) एक तीसरी पीढ़ी का भारत द्वारा स्वदेशीय निर्मित, टैंक भेदी प्रक्षेपास्त्र है। यह उन पांच (प्रक्षेपास्त्र) मिसाइल प्रणालियों में से एक है जो भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन द्वारा एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत विकसित की गई है। इस प्रक्षेपास्त्र का विकास 300 करोड़ की लागत से किया गया है। इसे दागो और भूल जाओ टैंक रोधी प्रक्षेपास्त्र भी कहा जाता है क्योंकि एक बार इसे दागे जाने के बाद निर्देशित करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसके हवा से जमीन पर मार करने वाला हैलीना वर्जन भी है। जिसे हेलिकॉप्टर से दागा जाता है।

इसकी रफ्तार है खासियत : नाग मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 825 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार के साथ अपने लक्ष्य पर प्रहार करती है। 1.85 मीटर लंबी 43 किलोग्राम वजनी यह मिसाइल आठ किलोग्राम वार हैड(विस्फोटक) ले जाने में सक्षम है। यह मिसाइल जोधपुर में डीआरडीओ की तरफ से विकसित थर्मल टारगेट सिस्टम पर कार्य करती है। इसे कोई सैनिक भी दाग सकता है वहीं इसे दागने के लिए विशेष रूप से बनाए गए लॉचिंग सिस्टम नेमिका से भी दागा जा सकता है। दिन-रात व किसी भी प्रकार के मौसम में एकदम अचूक प्रहार करने में सक्षम है। पोकरण में इसका सभी तरह के मौसम में परीक्षण सफल रहे है।


Share