जलदाय मंत्री की घोषणा : फ्लैट्स में आसानी से मिलेगा नल कनेक्शन, फ्लैट्स-कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में पेयजल कनेक्शन की पॉलिसी आसान बनाएंगे

जलदाय मंत्री महेश जोशी
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  जलदाय मंत्री महेश जोशी ने प्रदेश भर में फ्लैट्स और कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में पानी कनेक्शन देने की पॉलिसी को सरल बनाने की घोषणा की है। जलदाय की अनुदान मांगों के बहस के जवाब में महेश जोशी ने सदन में कहा कि कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों और फ्लेट्स को पानी कनेक्शन के लिए पहले पॉलिसी बनी थी, लेकिन उसे लोगों ने स्वीकार नहीं किया, उसका फायदा नहीं हुआ। मैंने विभाग के अफसरों से कहा है कि पॉलिसी को व्यावहारिक बनाया जाए। अब उस पॉलिसी को इस तरह बनाया जाएगा कि फ्लेट्स में रहने वालों और कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के लोगों को पानी कनेक्शन मिल सके।

कोई कहीं पर भी बसा है उसे पानी पिलाना सरकार की प्राथमिकता है और हम इसे पूरा करके रहेंगे।

जलदाय विभाग में बनेंगे पिंक डिविजन जहां हर कर्मचारी महिला : जलदाय मंत्री महेश जोशी ने हर संभाग में पिंक डिवीजन बनाने की घोषणा की है, उस डिवीजन ऑफिस में पूरे स्टाफ में केवल महिलाएं ही होंगी। जोशी ने कहा कि संभाग मुख्यालय पर एडिशनल चीफ इंजीनियर ऑफिस में एक डिवीजन ऑफिस को पिंक डिवीजन बनाया जाएगा। इसमें पूरा स्टाफ महिलाओं का होगा।

जलदाय विभाग में खाली पदों को भरा जाएगा : महेश जोशी ने कहा कि जलदाय विभाग के खाली पदों को भरा जाएगा। एईएन की भर्ती प्रक्रिया जारी है, 386 असिस्टेंट इंजीनियर की भर्ती जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी, इसमें 93 पद और बढ़ाए जाएंगे। जोशी ने कहा कि आरओ प्लांट बंद होने की जांच करवाई जाएगी और जहां भी कंपनी का दोष होगा तो कार्रवाई होगी।

जनता जल मिशन में रोज 5000 कनेक्शन

जोशी ने कहा कि जेजेएम में प्रगति कुछ धीमी थी लेकिन अब स्पीड बढ़ी हैं रोज हम 5000 नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं। जेजेएम के कनेक्शन जहां नहीं हुए वहां वैकल्पिक इंतजाम जारी रखे जाएंगे।

प्रदेश में रोजाना 5 बच्चियों से रेप, धारीवाल बोले- सोशल मीडिया के अश्लील कंटेंट से बढ़े केस

राजस्थान में दुष्कर्म के बढ़ते मामलों पर मंगलवार को प्रश्नकाल में विपक्ष ने सरकार को विधानसभा में घेरने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने छोटी बच्चियों से रेप के आरोपियों को सजा का प्रतिशत कम होने पर भी सवाल उठाया। कटारिया के सवाल के जवाब में संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने सदन में बताया कि जनवरी 2019 से जनवरी 2022 की तीन साल की अवधि में छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म के 5793 मामले दर्ज किए गए हैं। ऐसे में रोजाना 5 बच्चियों से रेप हुआ है।

नाबालिग बच्चियों से रेप के आरोप में 6628 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 129 मामलों में 398 आरोपियों को कोर्ट से सजा हुई है। कुल 4631 मामलों में अदालत में चालान पेश किया। कुल 283 मामलों में अदालत में चालान पेश किया जाना बाकी है।


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