यूक्रेन से रोमानिया पहुंचे अनस ने बयां की दहशत की दास्तां – ‘हर जगह बिखरी हैं लाशें, बारूद की गंध से सांस लेना मुश्किल’

यूक्रेन से रोमानिया पहुंचे अनस ने बयां की दहशत की दास्तां - 'हर जगह बिखरी हैं लाशें, बारूद की गंध से सांस लेना मुश्किल'
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मुरादाबाद (एजेंसी)। यूक्रेन और रूस के बीच जंग जारी है। इस बीच वहां फंसे भारतीयों की वापसी का अभियान तेजी से चल रहा है। भारतीय दूतावास की मदद से यूक्रेन में रहने वाले लोगों को वापस लाया जा रहा है। यूक्रेन में एक भारतीय छात्र की मौत हुई है। अभी भी सैकड़ों की तादाद में भारतीय छात्र फंसे हैं। अभी भी इसके लिए विमान कंपनियां उड़ानें संचालित कर रहीं हैं। मंगलवार की सुबह को यूक्रेन में फंसे कई छात्र एक बस ओर कुछ कैब के जरिये रोमानिया पहुंच गए। यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे है। मुरादाबाद के छात्र अनस ने वीडियो काल के जरिये अपनी दर्द भरी कहानी बयां की।

अनस ने बताया कि रूस और यूक्रेन जंग में सब कुछ बर्बाद हो गया, चारों तरफ ख़ौफऩाक मंजर है। अनस ने बताया कि मैं ओर मेरे साथ सभी छात्र भारतीय दूतावास की मदद से रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचे।

जगह-जगह लाशें..दिखा वीभत्स नजारा

अनस ने बताया कि रास्ते में जगह-जगह लाशें बिखरी थीं और रूसी सेना की कार्रवाई के बाद नजारा वीभत्स था। बम बारूद की गंध से हवा में सांस लेना मुश्किल था। छात्रों ने दहशत की अलग अलग कहानी बयां की है।

घर वापसी की आस लगाए बैठे हैं लोग

छात्रों ने बताया कि वे घर वापसी की आस लगाए रोमानिया बॉर्डर पर बैठे हैं, घर वालो की याद सता रही है। पांच दिन पहले धमाकों का जो सिलसिला शुरू हुआ है वो अभी थमा नहीं है।

बंकरों में छिपे हैं लोग..मौका मिलने पर निकल रहे

बाक़ी सभी लोगों के साथ हम सब भारतीय छात्र भी बंकर में थे अभी भी बहुत लोग बंकरो में छिपे हैं,जिसको जैसे यूक्रेन से निकलने का मौका मिल रहा है निकल रहा है।

‘जब धमाका होता है तो तेज हो जाती हैं धड़कनें’

अनस ने बताया कि जब कोई जोर का धमाका होता है तो हमारी धड़कनें तेज हो जाती थीं। लगता है कि कहीं ये लड़ाई की आंच हम तक ना पहुंच जाएं। हम नहीं जानते की आगे क्या होगा। बस अब भारत सरकार से अनुरोध है कि हमको जल्द घर बुला लिया जाए।


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