50 लाख करोड़ के रीटेल बिजनस ‘किंग बनें अंबानी

50 लाख करोड़ के रीटेल बिजनस 'किंग बनें अंबानी
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मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। रिलायंस ग्रुप ने अब फ्यूचर बाजार के पूरे रीटेल बिजनस को खरीद लिया है। इसके अलावा उन्होंने फ्यूचर ग्रुप से होलसेल, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस बिजनस को भी खरीदा है। इस सौदे के बाद मुकेश अंबानी की कंपनी भारत में ऑर्गनाइज्ड रीटेल की सबसे बड़ी खिलाड़ी बन गई है। रिलायंस अब आलू-प्याज, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, फूड कोर्ट, जूते, पेट्रोल-डीजल से लेकर रीटेल की तमाम चीजें बेचेगी।

भारत की सबसे बड़ी रीटेल कंपनी

वर्तमान में रिलायंस रीटेल भारत की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली ऑर्गनाइज्ड रीटेल की कंपनी है। इसका रेवेन्यू जेनरेशन बहुत तेजी से ग्रो कर रहा है। भारत का रीटेल सेक्टर करीब 700 अरब डॉलर (50 लाख करोड़ रूपये का है)। मुकेश अंबानी अब इसके बेताज बादशाह बन गए हैं।

बिग बाजार के 295 मेगा स्टोर अब रिलायंस में शामिल

वर्तमान में देश के 7 हजार शहरों में रिलायंस के 11,806 स्टोर्स हैं। इन स्टोर्स का टोटल एरिया करीब 28.7 मिलियन स्क्वॉयर फीट है। बिग बाजार के देश में करीब 295 स्टोर्स हैं। ये स्टोर्स इसी तरह चलते रहेंगे, लेकिन अब इस पर रिलायंस का अधिकार होगा। वर्तमान में रिलायंस अपने प्रतिद्वंद्वी के मुकाबले ज्यादा फल और सब्जियां बेचती है। इसके रेवेन्यू में ज्यादा हिस्सा कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स का होता है।

रीटेल में ग्रॉसरी सेगमेंट 60 फीसदी

माना जाता है कि रिलायंस वर्तमान में ग्रॉसरी, फैशन और लाइफस्टाइल सेक्शन में अपने प्रतिद्वंद्वी के मुकाबले कमजोर पड़ रही थी। लेकिन बिग बाजार पर कब्जा के बाद इस सेक्शन में भी काफी ग्रोथ दिखाई देगी। भारत के 50 लाख करोड़ के रीटेल बाजार में करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी ग्रॉसरी सेक्शन का है। 40 फीसदी में अपैरल, फुटवियर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट शामिल है।

5500 पेट्रोल पंप खोलने का लक्ष्य

मुकेश अंबानी पेट्रोल-डीजल स्टोर्स भी बहुत तेजी से खोल रहे हैं। इसके लिए पिछले दिनों उन्होंने ब्रिटिश पेट्रोलियम के साथ एक करार किया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) ने ‘जियो-बीपीÓ ब्रांड नाम से ईंधन की खुदरा बिक्री करने की घोषणा की है। इसके लिए रिलायंस बीपी-मोबिलिटी लिमिटेड (आरबीएमएल) नाम से एक संयुक्त उद्यम गठित किया गया है। बीपी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के 1,400 पेट्रोल पंपों तथा विमानन ईंधन (एटीएफ) स्टेशनों की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी पिछले साल एक अरब डॉलर में खरीद ली थी। संयुक्त उपक्रम में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास शेष 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है। संयुक्त उपक्रम ने अब परिचालन की शुरूआत कर दी है। रिलायंस के अभी देशभर में 1400 पेट्रोल पंप हैं। संयुक्त उद्यम के तहत अगले पांच साल में ईंधन खुदरा नेटवर्क को बढ़ाकर साढ़े पांच हजार करने की योजना है। इनके खुल जाने पर रोजगार के 60 हजार नए अवसर पैदा होंगे।


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