इस्तीफे के बाद अमरिंदर का बड़ा बयान- सिद्धू देश के लिए खतरा : पाकिस्तानी पीएम और सेना प्रमुख से दोस्ती

सिद्धू को नहीं भाई कैप्टन की कॉफी- सिद्धू को मंत्री बनाने पर नहीं हुआ फैसला
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सीएम के तौर पर सिद्धू मंजूर नहीं, जो एक मंत्रालय न चला सका वो  सरकार क्या चलाएगा – कैप्टन ने आगे कहा कि जो लोग मुख्यमंत्री बनना चाहते थे, उन्हीं ने मेरे खिलाफ सारा माहौल तैयार किया। मैं मुख्यमंत्री के तौर पर सिद्धू को कबूल नहीं करूंगा। जो एक मंत्रालय तो चला न सका, फिर पूरी सरकार क्या चलाएगा। सिद्धू मुख्यमंत्री पद के लिए कैपेबल नहीं हैं।

हाईकमान पर बरसते हुए कैप्टन ने कहा कि बार-बार विधायकों की बैठक बुलाकर साफ हुआ कि कांग्रेस हाईकमान को मुझ पर भरोसा नहीं है। मेरा अपमान हुआ है। इस्तीफा देने के बारे में मैंने सुबह ही फैसला कर लिया था। मैंने सोनिया गांधी से बात की और अपना इस्तीफा दे दिया। मैं दिल्ली कम जाता हूं और दूसरे बहुत जाते हैं, इसलिए वो वहां जाकर क्या कहते हैं, मुझे नहीं पता।

इस्तीफा दिया, लेकिन राजनीति में   सारे रास्ते खुले

मैंने पंजाब व पंजाबियों के लिए मजबूती से काम किया है। मैं इस बात की परवाह नहीं करता कि कौन सीएम बनता है और कौन क्या बनता है। कैप्टन ने कहा कि मैंने अभी इस्तीफा दिया और राजनीति में किसी तरह की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। भाजपा में शामिल होने के सीधे सवाल पर कैप्टन ने कहा कि राजनीति में कभी कोई रास्ता बंद नहीं होता। कैप्टन ने कहा कि मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं।

सिद्धू लेफ्ट चलें और मैं राइट, ऐसा मुमकिन नहीं

कैप्टन ने कहा कि मैंने पहले ही कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी को कह दिया था कि मुझे सीएम पद से मुक्त कर दें। सिद्धू लेफ्ट चलें और मैं राइट, ऐसे में मैं काम नहीं कर सकता था। हरीश रावत भी वहां मौजूद थे।

कैप्टन ने कहा कि सुखजिंदर रंधावा व तृप्त रजिंदर बाजवा को भी जवाब दिया कि मैंने 13 साल अकालियों के किए केस भुगते। उन्होंने मुझे असेंबली से निकाल दिया। मुझे लगता है कि वो झूठ बोल रहे हैं या उन्हें राजनीति नहीं आती। कैप्टन ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में यह तीसरी बार हो रहा है कि विधायकों की बैठक बुलाई गई हो। दो बार विधायकों को दिल्ली बुलाया गया और उसके बाद अब विधायक दल की बैठक बुला ली गई। मैंने कांग्रेस हाईकमान को कहा कि मेरे ऊपर कोई शक है कि मैं सरकार नहीं चला सकता, तो बताएं। उन्होंने कहा, मैंने कभी विधायकों के समर्थन की बात नहीं की। मैंने इस्तीफा दे दिया। जब मैंने सोनिया गांधी को कह दिया कि मैं इस्तीफा दे रहा हूं, तो फिर विधायक दल की बैठक बुलाने की क्या जरूरत थी।

मैं किसानों के साथ, उन्हें नौकरी-मुआवजा दिया

कैप्टन ने कहा कि मैं पहले दिन से ही किसानों के साथ हूं। आंदोलन में मरे किसानों के परिवार को 5 लाख रूपए और एक सदस्य को नौकरी देने का मेरा ही प्रोग्राम था।

कैप्टन के भाजपा में जाने की अटकलें बरकरार

कैप्टन ने कहा कि जिन पर कांग्रेस हाईकमान को भरोसा हो, उसे सीएम बना दें। कैप्टन ने कहा कि फ्यूचर पॉलिटिक्स को लेकर मेरे पास कई ऑप्शन हैं। मुझे राजनीति में 52 साल हो गए। साढ़े 9 साल मैं मुख्यमंत्री रहा। भाजपा में शामिल होने के बारे में कैप्टन ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया, लेकिन इससे कोई इनकार भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनके साथ कई लोग जुड़े हुए हैं। मैं उनसे बात करूंगा और फिर आगे के बारे में सोचूंगा।


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