अमरिंदर ने की पंजाब में राष्ट्रपति शासन की मांग, ‘प्र.म. की सुरक्षा में जहां चूक हुई, वहां से 10 किमी दूर है पाकिस्तान’

Amarinder demands President's rule in Punjab
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फिरोजपुर (एजेंसी)। पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले में सुरक्षा चूक की घटना के बाद पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। अमरिंदर ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है। वहीं पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने ट्वीट कर रहा है कि जो भी हुआ वह पंजाबियत के खिलाफ है।

गौरतलब है कि पंजाब में हुसैनीवाला के पास सड़क जाम में प्रधानमंत्री का काफिला फंस गया जिसके बाद वह रैली को संबोधित किए बिना लौट गए। ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ के प्रमुख अमरिंदर ने यहां एक रैली को संबोधित करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘अगर हमें अपने राज्य को सुरक्षित रखना है और यहां कानून-व्यवस्था बनाए रखनी है, तो मुझे लगता है कि राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।‘

‘सीएम और राज्य के गृहमंत्री की नाकामी’

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्र.म. मोदी की सुरक्षा को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर निशाना साधा है। कैप्टन ने ट्वीट किया, यह पंजाब की कानून-व्यवस्था की पूरी तरह से नाकामी है। खासकर मुख्यमंत्री और पंजाब के गृह मंत्री की नाकामी है। जब आप देश के प्रधानमंत्री को सुरक्षित रास्ता नहीं दे सकते हैं, वो भी वहां, जहां से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तान की सीमा लगती है। सत्ता में बने रहने का आपका कोई अधिकार नहीं है। आपको सत्ता छोड़ देनी चाहिए।

जाखड़ बोले- जो भी हुआ, पंजाबियत के खिलाफ है : उधर पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा, आज जो कुछ भी हुआ वह स्वीकार्य नहीं है। यह पंजाबियत के खिलाफ है। फिरोजपुर में भाजपा की राजनीतिक रैली को संबोधित करने के लिए भारत के प्रधानमंत्री के लिए एक सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जाना चाहिए था। इस तरह लोकतंत्र काम करता है।

केंद्रीय मंत्री का आरोप- सीएम ने फोन तक नहीं उठाया : केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी ट्वीट के जरिए चन्नी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, प्रधानमंत्री की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी थी लेकिन मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में फोन उठाना तक जरूरी नहीं समझा। ये देश तोडऩा है। संविधान की अस्मिता को कलंकित करना है। देश माफ नहीं करेगा! दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, कांग्रेस अलगाव की प्रवृत्ति रखती है इसलिए ही गृह मंत्रालय को भरोसा दिए जाने के बाद भी प्रधानमंत्री को क्लीयर रूट नहीं मिलता। उनके काफिले के सामने खुले मार्ग पर बाधा खड़ी कर दी जाती है। साफ है कि यह मोदीजी को पंजाब की जमीन से दूर रखने के षड्यंत्र का एक घृणित कुचक्र था। पंजाब की कांग्रेस सरकार ने माननीय प्रधानमंत्री को सड़क मार्ग पर रोकने की साजिश रची।


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