अलवर गैंगरेप- गहलोत सरकार ने सीबीआई से जांच कराने का लिया निर्णय, गेंद केंद्र के पाले में डाली

Alwar gangrape- Gehlot government decided to get the CBI probed, put the ball in the court of the Center
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। गहलोत सरकार ने अलवर गैंगरेप की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही केंद्र सरकार को अनुशंसा भेजेगी।  रविवार को सीएम गहलोत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास पर वीसी के माध्यम से हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में गृह राज्य मंत्री  राजेंद्र सिंह यादव, डीजीपी एमएल लाठर और एसएमस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सुधीर भंडारी समेत जेके लोन अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी। सीएम गहलोत ने शनिवार देर रात ट्वीट कर गैंगरेप मामले की सीबीआई से कराने के संकेत दिए थे। सीएम गहरोल ने ट्वीट कर कहा कि राज्य सरकार परिजनों की मांग पर मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए तैयार है। रविवार को सीएम गहलोत ने उच्च स्तरीय बैठक कर गैंगरेप मामले की सीबीआई से जांच कराने का निर्णय लिया।

केंद्र सरकार को लेना है निर्णय

सीएम गहलोत के अलवर गैंगरेप मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लेने के बाद गृह विभाग के अधिकरी जल्द ही केंद्र सरकार सिफारिशी पत्र लिखेंगे। गृह विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। अलवर एसपी ने गृह विभाग को पूरी रिपोर्ट सौंप दी है। गहलोत सरकार ने सीबीआई जांच कराने का निर्णय लेकर गेंद केंद्र सरकार के पाले में डाल दी है। सीबीआई केंद्र सरकार के अधीन आती है। सीबीआई गैंगरेप मामले को जांच लायक मानती है या नहीं यह निर्णय लेना सीबीआई का है। क्योंकि  विगत में भी गहलोत सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की थी। जिसे सीबीआई ने हाथ में लेने से इंकार कर दिया। यदि सीबीआई मामले की जांच करने से इनकार कर देती है तो प्रदेश भाजपा नेताओं को घेरने के लिए कांग्रेस को मुद्दा मिल जाएगा। केंद्र में भाजपा की सरकार है।

पुलिस बार-बार ले रही है यू-टर्न

अलवर में एक मूक बधिर नाबालिग के साथ हाल ही में गैंगरेप की घटना हुई थी। गैंगरेप की घटना पर पुलिस बार-बार यू-टर्न ले रही है। अलवर एसपी ने कहा कि नाबालिग के साथ कि तरह का गैंगरेप नहीं हुआ है। मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। जबकि रविवार को अलवर एसपी तेजस्वनी गौतम ने फिर यू-टर्न ले लिया। अलवर एसपी ने नाबालिग के साथ  रेप की घटना से इंकार नहीं किया है।

विपक्ष ने की थी सीबीआई से जांच कराने की मांग

भाजपा सांसद किरोड़ीलाल मीणा के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, आरएलपी संयोजक हनुमान बेनीवाल समेत विपक्ष के अन्य विधायकों ने गैंगरेप की केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से कराने की मांग की थी। किरोड़ीलाल ने इसके लिए अलवर में धरना भी दिया था। भाजपा ने 17 जनवरी को प्रदेशव्यापी प्रर्दशन का आह्वान भी किया है।  पूरे मामले ने सियासत रूप ले लिया है।


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