अखिलेश ने लगाया ईवीएम चोरी, धांधली का आरोप; एग्जिट पोल को भी साजिश बताया

Akhilesh alleges EVM theft, rigging; Exit polls also called conspiracy
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लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की काउंटिंग से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने काउंटिंग में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने एग्जिट पोल्स में भाजपा की जीत की भविष्यवाणी को भी इसी का एक हिस्सा बताया है। अखिलेश यादव ने मंगलवार शाम को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की आखिरी लड़ाई है और अब बदलाव के लिए क्रांति करनी होगी। अखिलेश यादव ने कहा, यह सूचना मिल रही थी मुख्यमंत्री के सबसे बड़े अधिकारी, प्रमुख सचिव का जगह-जगह फोन जा रहा है कि जहां भाजपा हारे वहां काउंटिंग स्लो करिए। यदि हम पिछला चुनाव देखें जो भाजपा की जो जीत हुई, 47 सीटें ऐसी हैं जहां 5 हजार से कम वोट का मार्जिन है। आज बनारस में देखने को मिला है, ईवीएम ले जाईं जा रही थीं। एक ट्रक पकड़ा गया, दो ट्रक लेकर भाग गए। यदि सरकार वोट की चोरी नहीं कर रही थी तो बताए दो गाडिय़ां क्यों भागीं। सुरक्षा का इंतजाम क्यों नहीं किया गया। क्या वजह है कि बिना सिक्यॉरिटी के ईवीएम जा रही हैं। किसी वेयर हाउस और स्ट्रॉन्ग रूप में रखा है तो बिना प्रत्याशियों को सूचना दिए मूव नहीं किया जा सकता है।  वाराणसी, बरेली और सोनभद्र में ईवीएम और बैलेट पेपर गायब करने का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ये उसी दिन घबरा गए जिस दिन अखबरों में आया कि कहीं पार्क की सफाई हो रही है, कहीं घर की सफाई हो रही है। जमीन पर भाजपा के खिलाफ गुस्सा है।

अखिलेश यादव ने एग्जिट पोल्स में भाजपा की जीत की भविष्यवाणी को लेकर कहा, एग्जिट पोल से परेसेप्शन क्रिएट करना चाहते हैं कि भाजपा जीत रही है। ताकि चोरी भी करें तो पता ना लगे कि चोरी हुई है। यदि हमने वोट दिया है तो मैं नौजवानों, किसानों और आम लोगों से कहूंगा कि हमारी जिम्मेदारी है कि वोट को बचाएं। वोट नहीं गिना जाएगा तो लोकतंत्र कहां जाएगा। यह लोकतंत्र की आखिरी लड़ाई है। इसके बाद तो जनता को क्रांति करनी पड़ेगी। तभी बदलाव आएगा।

आखिरी चुनाव है, लडऩी होगी आजादी जैसी लड़ाई

एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा, यह लोकतंत्र की आखिरी चुनाव है। इसके बाद तो जिस तरह आजादी के लिए लड़ाई लड़ी गई थी, उसी तरह आपको और हमें क्रांति करनी पड़ेगी। मैं तो अपने नौजवानों से अपील करूंगा कि जहां किसान इतने साल बैठे रहे तब सरकार झुकी, कम से कम तीन दिन लोकतंत्र के प्रहरी बनकर ईवीएम बचाएं।


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