अहमदाबाद मण्डल द्वारा कोरोना महामारी के दौरान यात्रियों की सुविधा : झा

अहमदाबाद मण्डल द्वारा कोरोना महामारी के दौरान यात्रियों की सुविधा
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अहमदाबाद (एजेंसी)। वर्तमान में एक ओर जहां पूरा विश्व कोरोना महामारी के वैश्विक संकट से जूझ रहा है वहीं भारतीय रेल द्वारा इस समय यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए कई कदम उठाए गए हैं। अहमदाबाद मण्डल के मण्डल रेल प्रबंधक दीपक कुमार झा ने प्रेस से चर्चा के दौरान बताया कि पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल द्वारा भी रेलवे स्टाफ व उनके परिजन तथा यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई उपाय किए गए हैं। मंडल के गांधीधाम, महेसाणा, पालनपुर, विरमगाम, साबरमती, अहमदाबाद सहित सभी ऑफिस रिजर्वेशन सेंटर्स, पब्लिक डिलींग जगहों पर हैंड सैनिटाइजिंग मशीने लगाई गई। टिकट चेकिंग बूथ व आरक्षण कार्यालयों पर टू वे स्पीकर्स लगाए गए हैं ताकि फ्रंटलाइन स्टॉफ को इस संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके तथा उन्हें फेस शील्ड, प्रिवेंटिव किट जैसे हृ 95 मास्क, हैंड ग्लाव्ज, सैनिटाइजर इत्यादि उपलब्ध कराए गए। सभी रेल स्टाफ को दो राउंड में आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक दवाइयों का वितरण किया गया।

झा ने बताया कि लॉकडाउन के पहले दिन अहमदाबाद स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्री फंस गए थे एवं पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने से अपने घर नहीं पहुंच पा रहे थे। इस संकट के समय मंडल प्रशासन द्वारा त्वरित निर्णय लेते हुए अहमदाबाद म्युनिसीपल कॉरपोरेशन से संपर्क कर उनके घर तक पहुंचाने के लिए निशुल्क सुविधा प्रदान की तथा यह ऑपरेशन तब तक चलता रहा जब तक कि आखिरी यात्री सुरक्षित रूप से स्टेशन से घर नहीं पहुंच गया। लॉकडाउन में कुलियों, कोंट्रेक्ट लेबर, बेघर व झुग्गी झोपड़ी वाले व्यक्तियों को डीआरएम बेनेवेलेंट फ़ंड के माध्यम से अधिकारियों व रेल कर्मियों के आर्थिक सहयोग से फंड इक_ा कर जरूरतमंद लोगों को 3200 राशन किट का वितरण किया गया। इस दौरान गवर्नमेंट अथॉरिटी के साथ मिलकर स्टाफ को कोरोना से सुरक्षित रखते हुये उनके सहयोग से आवश्यकतानुसार 2.75 लाख फूड पैकेट का वितरण किया गया जिसमे 1.70 लाख फूड पैकेट डीआरएम बेनेवेलेंट फंड से दिये गये।
उनके अनुसार इस दौरान निर्बाध रूप से मण्डल से 260 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया जिससे 3.81 लाख यात्रियों को अपने घर पहुंचने में मदद मिली तथा मंडल को 24.87 करोड़ रूपए के राजस्व की प्राप्ति भी हुई। इसमें से सर्वाधिक 140 ट्रेनें अहमदाबाद स्टेशन से चलाई गई जो पूरे गुजरात में द्वितीय स्थान है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री द्वारा मंडल प्रशासन को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। मंडल के रेल कर्मियों ने भी इस दौरान यात्रियों की तहेदिल से मदद का अभियान चलाया जिसमें महेसाणा के मुख्य टिकट निरीक्षक बलवंत सिंह राठौड़ ने पूरे लॉकडाउन में निशुल्क भोजन पैकेट की सुविधा उपलब्ध कराई। वहीं महेसाणा के मुख्य टिकट निरीक्षक गोपाल तथा विरमगाम के भरत गोहिल ने जरूरतमंद यात्रियों को चप्पले प्रदान कर उनकी सहायता की।

यात्री हित में किए गए उल्लेखनीय कार्य

* अहमदाबाद स्टेशन पर थर्मल स्कैनिंग सुविधा उपलब्ध कराई गई जिसमें इंफ्रारेड कैमरे से सुसज्जित हैंडफ्री थर्मल स्कैनर के जरिए रेलवे स्टाफ को सुरक्षित रखने में सहायता मिली वही इसके द्वारा कई यात्रियों के एक साथ तापमान चेक करने में मदद मिली।

* बैगेज सैनिटाइजिंग व रैपिंग सुविधा उपलब्ध कराई गई जो भारतीय रेलवे की पहली ऐसे सुविधा है जो केवल अहमदाबाद स्टेशन पर उपलब्ध है।

* पश्चिम रेलवे की पहली मास्क व सेनिटाइजऱ वेन्डिंग मशीन लगाई गई।

* दिव्यान्गजनों को मंडल कार्यालय पर बार-बार आने की असुविधा से बचाने के लिए ‘रेल दिव्यांग सारथीÓ एप्लीकेशन प्रारंभ की गई जिसमें उन्हें केवल एक बार ही आना होगा। अहमदाबाद मंडल पश्चिम रेलवे का पहला ऐसा मंडल है जहां पर यह सुविधा उपलब्ध है।

* लॉकडाउन अवधि में मंडल द्वारा भारतीय रेल का 35′ तथा पश्चिम रेलवे का 85’ माल भाड़ा राजस्व अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की, वहीं 280 कोविड-19 पार्सल स्पेशल ट्रेनों का संचालन भी किया गया। जिससे मंडल को 9.85 करोड़ रूपए का राजस्व मिला।

* मंडल द्वारा इस अवधि में 3.79 करोड लीटर दूध का पालनपुर से हिंद टर्मिनल (पलवल) के लिए परिवहन किया गया जिसमें लॉकडाउन समय में दूध की निर्बाध आपूर्ति में उल्लेखनीय मदद मिली। इस दौरान पूरे भारतीय रेलवे की 51 सर्वाधिक दूध स्पेशल ट्रेनें मंडल द्वारा चलाई गई।

* 8 अगस्त 2020 को कांकरिया से बांगलादेश के लिए जनरल गुड्स का परिवहन किया गया। जो मण्डल द्वारा किया गया पहला सफल प्रयास है।

* आपदा को अवसर में बदलते हुए मंडल ने मालगाडिय़ों की रफ्तार को 23 केएमपीएच से दुगना कर 46 केएमपीएच करने में सफलता पर प्राप्त की।

* 30 मार्च 2020 को टाइम टेबल पार्सल ट्रेने शुरू की गई।

* रेल ट्रांसपोर्ट के लिए गुड्स ट्रेफिक को आसान एवं आकर्षक बनाया गया।

* 14 गुड्स शेड को अत्याधुनिक सुविधा संपन्न एवं उन्नत बनाने के प्रयास शुरू किए गए तथा इस समयावधि में डेमरेज व वारफेज माफ कर दिए गए।

* मिनी रेक व टू पॉइंट रेक के लिए वर्तमान प्रावधानों को और भी सरल व सुविधाजनक बनाया गया तथा सभी गूड्स शेड, प्राइवेट फ्रेट टर्मिनलों व प्राइवेट साइडिंग को पार्सल ट्राफिक के लिए खोल दिया गया।

झा ने बताया कि इस दौरान मंडल द्वारा 5027 रेक द्वारा 9.43 एमएमटी माल का परिवहन कर 1292 करोड़ रूपए का राजस्व अर्जित किया गया। नये राजस्व की संभावनाओं को तलाशने के लिए मंडल स्तर पर बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट का गठन किया गया है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि मंडल द्वारा 5000 करोड़ रूपए के राजस्व के टारगेट को शीघ्र पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फ्रेट इंक्वायरी के लिए 139 कस्टमर केयर पर समाधान की सुविधा उपलब्ध हैं। मालभाड़ा यातायात को सरल व सुगम बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक रेलवे रिसिप्ट की सुविधा, रेल सुगम एप,ई-पेमेंट सुविधा के साथ-साथ रेक के लिए ऑनलाइन डिमाण्ड सुविधा भी प्रदान कर दी गई है।

मण्डल रेल प्रबंधक दीपक कुमार झा की वेबिनार के माध्यम से आयोजित इस प्रेस वार्ता के दौरान उनके साथ वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक पवन कुमार सिंह तथा वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबंधक रविंद्र श्रीवास्तव मौजूद थे ।


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