कृषि सुधारों ने किसानों को ताकतवर गिरोहों से दिलाई आजादी : मोदी

मोदी ने कोसी महासेतु समेत 12 रेल परियोजनाएं बिहार को सौंपी
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नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद से कल देश के किसानों को नये अधिकार देने वाले पारित कानूनों को 21वीं सदी के भारत की जरूरत बताया और कहा कि यह बदलाव किसान और कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं है बल्कि देश के उन ताकतवर गिरोहों से किसानों को छुटकारा दिलाने के लिए है जो अब तक उनकी मजबूरी का फायदा उठा रहे थे। मोदी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंङ्क्षसग के माध्यम से बिहार में राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच) एवं सेतु निर्माण की नौ परियोजनाओं का शुभारंभ करने के बाद कृषि बिल पर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि मैं देश के प्रत्येक किसान को इस बात का भरोसा देता हूं कि एमएसपी की व्यवस्था जैसे पहले चली आ रही थी, वैसे ही चलती रहेगी। इस साल रबी में गेहूं, धान, दलहन और तिलहन को मिलाकर, किसानों को 1 लाख 13 हजार करोड़ रुपये एमएसपी पर दिया गया है। ये राशि भी पिछले साल के मुकाबले 30′ से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अब देश के किसान, बड़े-बड़े स्टोरहाउस में, कोल्ड स्टोरेज में इनका आसानी से भंडारण कर पाएंगे। जब भंडारण से जुड़ी कानूनी दिक्कतें दूर होंगी तो हमारे देश में कोल्ड स्टोरेज का भी नेटवर्क और विकसित होगा, उसका और विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि कृषि मंडियों के कार्यालयों को ठीक करने के लिए, वहां का कंप्यूटराइजेशन कराने के लिए, पिछले 5-6 साल से देश में बहुत बड़ा अभियान चल रहा है।

इसलिए जो ये कहता है कि नए कृषि सुधारों के बाद कृषि मंडियां समाप्त हो जाएंगी, तो वो किसानों से सरासर झूठ बोल रहा है। उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ये कानून, ये बदलाव कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं हैं। कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा। बल्कि ये हमारी ही एनडीए सरकार है जिसने देश की कृषि मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर काम किया है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में अब तक उपज बिक्री की जो व्यवस्था चली आ रही थी, जो कानून थे, उसने किसानों के हाथ-पांव बांधे हुए थे। इन कानूनों की आड़ में देश में ऐसे ताकतवर गिरोह पैदा हो गए थे जो किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे थे। आखिर ये कब तक चलता रहता। उन्होंने कहा कि कल देश की संसद ने, देश के किसानों को नए अधिकार देने वाले बहुत ही ऐतिहासिक कानूनों को पारित किया है। मैं देश के लोगों को, देश के किसानों को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। ये सुधार 21वीं सदी के भारत की जरूरत है।


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