ममता के बाद अब प्रशांत किशोर का कांग्रेस पर हमला

After Mamta, now Prashant Kishor's attack on Congress
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’10 साल में 90′ चुनावों में हार, नेतृत्व किसी एक व्यक्ति का दैवीय अधिकार नहीं…

नई दिल्ली (एजेंसी)।  ममता बनर्जी के बाद अब उनके खास सिपहसालार और पेशेवर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। 2024 के लिए ‘मोदी बनाम ममता’ का नैरेटिव सेट करने की कोशिश के तहत पीके ने पिछले 10 सालों में कांग्रेस को मिलीं चुनावी शिकस्तों का जिक्र करते हुए कहा है कि विपक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से अपने नेतृत्व का फैसला करने देना चाहिए।

प्रशांत किशोर ने ट्वीट किया, कांग्रेस जिस विचारधारा का प्रतिनिधित्व करती है और जो उसका स्थान है, वह एक मजबूत विपक्ष के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। लेकिन कांग्रेस का नेतृत्व किसी एक शख्स का दिव्य अधिकार नहीं है खासकर तब जब पार्टी पिछले 10 वर्षों में 90 प्रतिशत से ज्यादा चुनाव हार चुकी हो। विपक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से अपने नेतृत्व का फैसला करने देना चाहिए। समझा जाता है कि उनके निशाने पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी हैं।

दिलचस्प बात यह है कि कुछ महीने पहले तक प्रशांत किशोर के कांग्रेस में जाने की अटकलें लग रही थीं। यहां तक कि कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी जैसे युवा नेताओं को कांग्रेस के साथ जोडऩे के पीछे भी उनका ही दिमाग माना जा रहा था। लेकिन पीके के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों पर तब विराम लग गया जब उन्होंने सीधे-सीधे कांग्रेस नेतृत्व पर हमले शुरू कर दिए।

प्रशांत किशोर पहले भी राहुल गांधी पर हमला बोल चुके हैं। अक्टूबर में उन्होंने गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि भाजपा कई दशकों तक कहीं जाने वाली नहीं है लेकिन राहुल गांधी हैं कि समझते ही नहीं। तब एक क्वेश्चन-आंसर सेशन के दौरान उन्होंने कहा था, भाजपा भारतीय राजनीति का केंद्र बनने जा रही है…वह भले जीते या हार जाए, लेकिन अब वह वैसी ही है जैसे कांग्रेस आजादी के बाद अपने शुरूआती 40 सालों में थी। भाजपा कहीं नहीं जा रही हैं। एक बार आप राष्ट्रीय स्तर पर 30 प्रतिशत+ वोट हासिल कर लेते हैं तो आप इतनी जल्दी नहीं जाते। पीके ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा था कि कांग्रेस नेता यह समझते ही नहीं हैं।

पीके ने कहा था, आप कभी भी इस वहम में न रहें कि लोग नाराज हो रहे हैं और वे मोदी को उखाड़ फेंकेंगे। हो सकता है कि वे मोदी को उखाड़ फेंके लेकिन भाजपा कहीं नहीं जा रही। वह यही रहेगी…अगले कई दशकों तक रहेगी…। दरअसल दिक्कत शायद राहुल गांधी के ही साथ है। वह सोचते हैं कि बस कुछ वक्त की बात है, लोग उन्हें (नरेंद्र मोदी) उखाड़ फेंकेंगे। यह नहीं होने वाला है। जब तक आप उनकी (प्र.म. मोदी) ताकत को समझेंगे नहीं, मानेंगे नहीं तब तक आप उन्हें काउंटर नहीं कर सकते, कभी पराजित नहीं कर सकते।

एक दिन पहले खुद ममता बनर्जी ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। बुधवार को मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इशारों-इशारों में राहुल गांधी पर बेहद तल्ख टिप्पणी की। ममता ने कहा कि ‘आधा समय विदेश में और आधा समय देश में रहने वाले नेता भाजयपा को टक्कर नहीं दे सकते। वे लडऩा ही नहीं जानते। इतना ही नहीं, दीदी ने कांग्रेस के अगुआई वाले गठबंधन के वजूद को ही नकार दिया। उन्होंने कहा कि यूपीए क्या है? अब यूपीए नहीं है।


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