युवक की हत्या कर शव जंगल में फैंका, तीन दिन से लापता था, ग्रामीणों ने बंद करवाए फलासिया के बाजार

हत्या कर फैंकी महिला की पहचान, अवैध संबंधों के चलते हत्या की आशंका, जल्द होगा खुलासा
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उदयपुर. नगर संवाददाता & जिले के फलासिया थाना क्षेत्र में दो दिन से लापता एक युवक का शव गांव से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित जंगल में एक गुफा में लहुलूहान अवस्था में पड़ा मिला। मृतक का शव मिलने पर परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया और ग्रामीणों ने आवेश में आकर फलासिया कस्बे के बाजार बंद करवा दिए और प्रदर्शन किया। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया कि समय पर रिपोर्ट देने के बाद भी पुलिस ने मृतक की तलाश के लिए कोई प्रयास नहीं किए, जिससे हत्यारों ने इसकी हत्या कर शव को फैंक दिया। मृतक के शव को भी पुलिस की बजाए ग्रामीणों और परिजनों ने ही तलाशा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस ने भारी जाब्ता मंगवा लिया और समझाईश कर शव को मोर्चरी में रखवाया है। वहीं हत्या के पीछे हाल ही में हुई रीट की परीक्षा में बच्चों का सलेक्शन करवाने के एवज में ली गई राशी का मामला सामने आ रहा है। पुलिस ने जिन संदिग्धों के नाम परिजनों बताए थे उन्हें हिरासत मेें लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार हर्ष (२१) पुत्र कालूलाल कलाल निवासी आमलिया फलासिया दो दिन पूर्व अपने घर से बाईक लेकर निकला था। इस युवक ने जाते समय एक कोचिंग सेेंटर संचालक संजय परमार की पार्टी में जाने की बात कहीं थी और इसके बाद से ही उसका पता नहंी चल पा रहा था। परिजनों ने अपने स्तर पर तलाशा, लेकिन पता नहीं चलने पर परिजनों की ओर से फलासिया थाने में रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर परिजनों ने उदयपुर में आकर एसपी मनोज कुमार को रिपोर्ट देकर कार्यवाही की मांग की थी।

पुलिस के सामने गुहार लगाने के साथ ही परिजनों ने अपने स्तर पर भी युवक की तलाश जारी रखी थी। बुधवार को युवक हर्ष को तलाशते हुए परिजन कंथारियां रोड़ पर महुदरा के जंगल की ओर गए और वहां पर जंगल की ओर जाकर तलाशा तो परिजनों को मृतक का एक गमछा लहुलूहान अवस्था में पड़ा मिला था इस पर परिजनों और ग्रामीणों को शंका हो गई कि युवक इसी जंगल में है। इस पर युवाओं ने अलग-अलग झुंड बनाकर हर्ष की तलाश शुरू की तो महुदरा के जंगल में दो चट्टानों की बनी गुफा में युवक का शव रक्त रंजितावस्था में शव पड़ा था। मृतक हर्ष के चेहरे पर लगातार पत्थरों से हमला कर चेहरे को कुचल दिया था, जिससे शव पहचान में नहीं आ पा रहा था, लेकिन कपड़ों से शव को पहचान लिया गया।

परिजनों ने इस बारे में पुलिस को सूचना दी। सूचना पर फलासिया थानाधिकारी रामनारायण मय जाब्ते के मौके पर पहुँचे और उच्चाधिकारियों को बताया। मौके पर फलासिया, आमलिया, कंथारिया और महुदरा गांव के सैंकड़ों की संख्या में लोगों के एकत्रित होने पर और लोगों के आक्रोश को देखते हुए अतिरिक्त जाब्ता मंगवाया गया। इधर यह मामला कुछ ही देर में क्षेत्र में वायरल हो गया, जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया और आनन-फानन में पूरा फलासिया कस्बा लोगों ने बंद करवा दिया। पुलिस ने मामला बढ़ता हुआ देखकर मौके पर झाडोल, टीड़ी, नाई, गोगुन्दा, पानरवा, कोटड़ा थाने के थानाधिकारियों को थानों के जाब्ते के साथ मौके पर बुलाया। इसके साथ ही पुलिस लाईन से अतिरिक्त जाब्ते के साथ-साथ कोटड़ा, गिर्वा  और झाडोल डिप्टी को भी मौके पर भेजा गया।

पुलिस ने मौके पर जाकर लोगों से समझाईश की। लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और हत्यारों को पकडऩे की मांग की। पुलिस ने प्रकरण में निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया और प्रकरण में हत्यारों को शीघ्र से शीघ्र गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन माने और शव को मोर्चरी में रखवाया गया। शाम होने के कारण शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया जा सका, जिसका गुरूवार को करवाया जाएगा। इधर पुलिस ने इस प्रकरण में मृतक के पिता की शंका पर कोचिंग सेंटर संचालक संजय परमार, जीवतराम, दिलीप बरांड़ा, महेश गरासिया और चीकू कलाल को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ करनी शुरू कर दी है।

पुलिस पर लापरवाही का आरोप

परिजनों का कहना है कि युवक हर्ष के गायब होने पर परिजनों ने शाम को ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दी थी और इन युवकों पर शंका जताई थी, लेकिन पुलिस ने प्रकरण दर्ज नहीं किया और ना ही इन युवकों को उठाया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर पुलिस कार्यवाही करती को युवक को सही-सलामत बचाया जा सकता था। इधर पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलते ही गुमशुदगी दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी थी।

ग्रामीणों ने तलाशा मृतक को

पुलिस द्वारा कार्यवाही नहीं करने पर परिजन और ग्रामीण अपने स्तर पर युवक को तलाश रहे थे। फलासिया और आमलिया गांव के ग्रामीणों ने अलग-अलग ग्रुप बनाकर युवक की तलाश शुरू की थी, जिसमें पहली बार में बाईक मिली थी इसके बाद कंथारिया रोड़ पर महुदरा के जंगल में गए तो वहां पर युवक का रक्त से भरा हुआ गमछा मिला था। इसके बाद जब जंगल में अंदर की ओर गए तो वहां पर शव मिला था।

हत्या का कारण रीट की परीक्षा तो नहीं

इधर पुलिस को आशंका है कि मृतक की हत्या के पीछे हाल में ही हुई रीट की परीक्षा है। युवक कोचिंग सेंंटर पर कोचिंग पढ़ाने का काम करता था और बताया जा रहा है कि कई युवकों को रीट में सलेक्शन के नाम पर पैसे भी लिए थे और यह पैसे आगे दिए थे। अब ऐसी आशंका जताई जा रही है कि सलेक्शन नहीं होने पर अब लोग पैसे मांग रहे थे और युवक आगे जिन्हें पैसे दिए थे उनसे मांग रहा था।

 


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