गहलोत के बाद सोनिया से मिले पायलट – संगठन में पद मिलने की संभावना

गहलोत होंगे गुजरात चुनाव के पर्यवेक्षक, पायलट को हिमाचल का पर्यवेक्षक बनाया
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नई दिल्ली (एजेंसी)। मंत्रिमंडल फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियों से पहले कांग्रेस हाईकमान ने राजस्थान कांग्रेस के दोनों गुटों की बात सुनने का फैसला किया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बाद शुक्रवार दोपहर सचिन पायलट ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है। पायलट ने राजस्थान कांग्रेस से जुड़े मुद्दों को लेकर सोनिया गांधी से बात की। पायलट अपने साथ कुछ रिपोर्ट्स भी लेकर गए थे। करीब 40 मिनट की इस मुलाकात में पायलट ने अपने समर्थकों की मंत्रिमंडल और सरकार में हिस्सेदारी को लेकर बात रखी है।

इस मुलाकात को सचिन पायलट को संगठन में जिम्मेदारी दिए जाने से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद अब राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है। इसे सचिन पायलट को संगठन में नई जिम्मेदारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

दो दिन पहले ही सचिन पायलट संगठन महासचिव केसी वेणुगेापाल से मिलकर अपनी बात कह चुके हैं। पायलट ने पिछले साल बगावत से वापसी के बाद सुलह कमेटी में तय हुए मुद्दों के अब तक समाधान नहीं होने की बात रखी। उन्होंने सोनिया गांधी के सामने विपक्ष में रहकर कांग्रेस के लिए फील्ड में काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को सरकार में पद देने की बात भी रखी।

जानकारों के मुताबिक हाईकमान अब राजस्थान में मंत्रिमंडल फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियों में शेयरिंग फॉर्मूला लागू करना चाहता है। ताकि गहलोत और पायलट खेमे के नेताओं के बीच खींचतान कम हो सके। मंत्रिमंडल फेरबदल में देरी की वजह खींचतान थी, जिसे अब दूर करने के लिए बड़े मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।

अब दो साल से भी कम समय बाद पार्टी को चुनाव में जाना है, इसलिए मंत्रिमंडल फेरबदल से लेकर सरकार स्तर पर होने वाली नियुक्तियों तक में दोनों खेमों को सहमत करने पर जोर दिया जा रहा है।


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