गंतव्य देश के नियमों के हिसाब से प्रीकॉशन डोज लगवा सकेंगे यात्री

According to the rules of the destination country, passengers will be able to get precaution dose
Share

दूसरी डोज के बाद नौ महीने के अंतराल अनिवार्य नहीं

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने विदेश यात्रा करने वाले व्यक्तियों के लिए कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक और बूस्टर खुराक के बीच के अंतर को कम करने का फैसला किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब विदेश जाने वाले लोग जिस देश जा रहे हैं, वहां की गाइडलाइन के हिसाब से भारत में ही प्रीकॉशन डोज ले सकेंगे। यानी दूसरी डोज और प्रीकॉशन डोज के नौ महीने का अंतर रखने वाले नियम को आखिरकार खत्म कर दिया गया है।

केंद्र सरकार का यह फैसला टीकाकरण पर गठित सरकारी पैनल- एनटीएजीआई के प्रस्ताव पर आया है। स्वास्थ्य मंत्री मनुसख मंडाविया ने कहा, भारत के नागरिक और छात्र, जो विदेश जा रहे हैं, अब गंतव्य देश की गाइडलाइंस के हिसाब से प्रीकॉशन डोज ले सकते हैं। यह सुविधा जल्द ही कोविन पोर्टल पर मुहैया हो जाएगी।

गौरतलब है कि टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी परामर्श समूह (एनटीएजीआई) ने सुझाव दिया था कि जिन लोगों को विदेश यात्रा करने की जरूरत है वह कोविड टीके की एहतियाती खुराक नौ महीने की निर्धारित प्रतीक्षा अवधि से पहले भी ले सकते हैं। अभी तक 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग जिन्हें टीके की दूसरी खुराक लगे हुए नौ महीने का समय पूरा हो चुका है वह एहतियाती खुराक के पात्र हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भारत के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में रोजगार, व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं, विदेशी शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, खेल आयोजनों में भाग लेने और द्विपक्षीय व बहुपक्षीय बैठकों के लिए विदेश यात्रा करने वालों के लिए कोविड वैक्सीन की एहतियाती खुराक की मांग करने वाले कई अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं।

एक सूत्र ने कहा कि इस मुद्दे पर बुधवार को चर्चा हुई थी और एनटीएजीआई ने सिफारिश की है कि जिन लोगों के लिए विदेश यात्रा करना जरूरी है वह जिस देश की वह यात्रा कर रहे हैं, उसकी जरूरतों के अनुसार नौ महीने की प्रतीक्षा अवधि से पहले भी एहतियाती खुराक लगवा सकते हैं। भारत में इस साल 10 जनवरी को हेल्थकेयर और अग्रिम मोर्चे के कर्मचारियों समेत 60 वर्ष से अधिक आयु के और गंभीर बीमार बीमारियों से पीडि़त लोगों के लिए कोरोना वायरस रोधी टीके की एहतियाती या बूस्टर खुराक लगाने की शुरूआत की गई थी।


Share