तमिलनाडु में मंदिर की रथयात्रा के दौरान हादसा – करंट से 2 बच्चों समेत 11 की मौत

विश्व धरोहर में शामिल हुआ 800 साल पुराना काकतीय रूद्रेश्वर मंदिर
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चेन्नई (एजेंसी)। तमिलनाडु के तंजावुर जिले में एक मंदिर की रथयात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बुधवार तड़के रथ के बिजली के तार की चपेट में आने से 11 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में 2 बच्चे भी शामिल हैं। हादसे में 15 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

राज्य के सीएम एमके स्टालिन ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने घटना पर शोक व्यक्त किया है और घायलों के जल्द ही स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। वहीं, प्रधानमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों को प्र.म. नेशनल रिलीफ फंड से 2-2 लाख रूपए देने का ऐलान किया है। घायलों को 50 हजार रूपए दिए जाएंगे।

मंगलवार रात से ही जुटने लगे थे लोग

तंजावुर के कालीमेडु मंदिर में 94वां अप्पर गुरूपूजा उत्सव मनाया जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए मंगलवार रात से ही लोगों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई थी। रथयात्रा एक मोड़ से गुजर रही थी, इस दौरान रथ पर खड़े लोग एक हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गए। 9 फुट ऊंचे रथ को फूलों और लाइट्स से सजाया गया था। रथ की लाइट्स को बिजली देने के लिए एक जेनरेटर भी जुड़ा था। घायलों में जेनरेटर ऑपरेटर भी शामिल है।

इस बार पावर सप्लाई बंद नहीं की गई

तिरूचिरापल्ली के सेंट्रल जोन आईजीपी वी बालकृष्णन ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसी भी घटना से बचने के लिए आमतौर पर मंदिर के रास्ते वाली पावर सप्लाई बंद कर दी जाती है। इस बार रथ की ऊंचाई इतनी नहीं थी कि वह हाई वोल्टेज लाइन को छू सके, इसलिए इस बार पावर सप्लाई बंद नहीं की गई। हालांकि, रथ पर लगे साजो-सामान की वजह से उसकी ऊंचाई बढ़ गई और हादसा हो गया।


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