मुंबई। बीओएफए सिक्योरिटीज के विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेश मांग में वृद्धि के चलते सोने की कीमतें वर्तमान स्तरों से लगभग 13% बढ़ सकती हैं और अगले 18 महीनों में $3,500 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका की व्यापार नीतियों को लेकर जारी अनिश्चितता और डॉलर में कमजोरी सोने की कीमतों को आगे और सहारा दे सकती है। साथ ही अमेरिका के राजकोषीय घाटे और चालू खाते के घाटे में असंतुलन से भी सोने को लाभ मिल सकता है।
चीन की बीमा कंपनियों को उनके कुल संपत्ति का 1% सोने में निवेश करने की अनुमति दी गई है, जो वैश्विक सोने की मांग को आगे बढ़ा सकता है। फिलहाल केंद्रीय बैंक अपने भंडार का 10% सोने में रखते हैं, जिसे वे 30% तक बढ़ा सकते हैं।
बीओएफए ने बताया कि अमेरिका, यूरोप और एशिया में फिजिकल गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने वाले रिटेल इनवेस्टर्स की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
वित्त वर्ष 2024-25 की शुरुआत में ही सोने की कीमतों में करीब 38% की तेजी आई है, जो एफवाई08 के बाद सबसे बड़ी बढ़त है। निवेशकों ने वैश्विक अस्थिरता के चलते सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अपनाया है।
बीओएफए ने पहले ही $3,000 प्रति औंस का पूर्वानुमान दिया था, जो हाल ही में पार हो गया है। अब $3,500 तक पहुंचने के लिए कीमतों को केवल 10% और बढ़ना होगा।
चीन की फाइनेंशियल सुपरविजन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएसए) ने एक पायलट प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके तहत बीमा कंपनियां गोल्ड स्पॉट कॉन्ट्रैक्ट्स, डिफर्ड डिलीवरी कॉन्ट्रैक्ट्स, शंघाई गोल्ड एक्सचेंज पर लिस्टेड अन्य गोल्ड प्रोडक्ट्स में निवेश कर सकेंगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भी सोने की मांग और कीमतों में वृद्धि का बड़ा कारण बन सकता है।