साउथ फिल्म इंडस्ट्री से बॉलीवुड में कदम रखने वाली एक्ट्रेस शालिनी पांडे इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। एक्ट्रेस ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए एक चौंकाने वाली घटना साझा की है, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। शालिनी ने बताया कि कैसे एक साउथ डायरेक्टर ने सेट पर उनके व्यक्तिगत स्पेस का उल्लंघन किया।
वैनिटी वैन में बिना अनुमति घुसने की कोशिश :
शालिनी ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि, "मैं किसी फिल्मी बैकग्राउंड से नहीं आई थी, और शुरुआत में मुझे इंडस्ट्री के कुछ पहलुओं को समझने में कठिनाई हो रही थी। मेरे करियर के शुरुआती दिनों में, जब मैं एक साउथ फिल्म पर काम कर रही थी, एक दिन फिल्म के डायरेक्टर ने मेरी वैनिटी वैन में बिना खटखटाए ही घुसने की कोशिश की। उस वक्त मैं कपड़े बदल रही थी, और जैसे ही मैंने उन्हें देखा, मैं पूरी तरह से घबरा गई।"
डायरेक्टर को दिया करारा जवाब :
हालांकि, शालिनी ने इस स्थिति का सामना साहसिक तरीके से किया। वह बताती हैं, "मैंने तुरंत उस डायरेक्टर पर चिल्लाते हुए कहा कि ऐसा व्यवहार बिल्कुल अस्वीकार्य है। मुझे इस बात का एहसास था कि यदि मैं इस स्थिति में चुप रहती, तो यह एक गलत उदाहरण बन सकता था।" शालिनी ने साफ तौर पर कहा कि, "अगर मैं नई हूं, तो इसका मतलब यह नहीं कि कोई भी मेरे व्यक्तिगत स्पेस का उल्लंघन कर सकता है।"
सिमित सीमाएं और आत्मसम्मान :
इस घटना ने शालिनी को यह सिखाया कि इंडस्ट्री में अपने अधिकारों का सम्मान करना और अपनी सीमाओं को निर्धारित करना बेहद जरूरी है। वह कहती हैं, "मुझे उस वक्त यह महसूस हुआ कि महिलाओं को कभी भी किसी के भी उल्लंघन की अनुमति नहीं देनी चाहिए, चाहे वे कितनी भी नई क्यों न हों।"
फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं का संघर्ष :
शालिनी ने अपने अनुभवों के बारे में बात करते हुए कहा कि इंडस्ट्री में हमेशा अच्छे और सम्मानजनक पुरुषों के साथ काम नहीं किया। उन्होंने कहा, "मैंने ऑन-स्क्रीन, ऑफ-स्क्रीन और क्रू के साथ भी कई बार अराजक और असम्मानजनक पुरुषों का सामना किया है, लेकिन आपको बस अपनी सीमा तय करनी होती है।" शालिनी का यह खुलासा न केवल उनके संघर्षों को उजागर करता है, बल्कि यह उन महिलाओं के लिए भी एक प्रेरणा है जो फिल्म इंडस्ट्री में काम करने की इच्छा रखती हैं। उनका संदेश स्पष्ट है: "समानता और सम्मान की मांग करना हर महिला का अधिकार है, और किसी को भी अपने व्यक्तिगत स्पेस का उल्लंघन करने का अधिकार नहीं है।" इस खुलासे ने फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा किया है। शालिनी की बहादुरी इस बात को साबित करती है कि महिलाओं को अपनी सीमाओं का सम्मान करने और किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार है।