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पाकिस्तान में आतंकियों का सफाया जारी है। कराची में अज्ञात हमलावरों ने लश्कर-ए-तैयबा के फाइनेंसर और हाफिज सईद के करीबी सहयोगी अब्दुल रहमान को ताबड़तोड़ गोलियों से भून डाला। इस हमले में उसका पिता समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अब्दुल रहमान कराची में लश्कर के लिए फंड जुटाने का काम करता था और उसे सीधे हाफिज सईद तक पहुंचाता था।
पाकिस्तान में बढ़ती टारगेट किलिंग – आतंकियों पर मंडराया खतरा !
आतंकवाद से त्रस्त पाकिस्तान में एक के बाद एक आतंकियों की हत्याएं हो रही हैं। हाल ही में क्वेटा में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के मुफ्ती अब्दुल बाकी नूरजई की भी अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इससे पहले पंजाब प्रांत के झेलम में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर जिया-उर-रहमान उर्फ कतल सिंधी को भी मौत के घाट उतारा गया था।
कौन कर रहा है आतंकियों का सफाया ?
अब तक पाकिस्तान में हुई इन हत्याओं के पीछे किसका हाथ है, यह साफ नहीं हो पाया है। लेकिन ये हत्याएं दिखाती हैं कि अब पाकिस्तान में भी आतंकियों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है। कराची से लेकर क्वेटा और झेलम तक, आतंकी एक-एक कर मारे जा रहे हैं। क्या ये किसी अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन का हिस्सा है, या फिर पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के बीच वर्चस्व की जंग शुरू हो चुकी है?
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, आतंकियों में मचा हड़कंप !
कराची में हुई अब्दुल रहमान की हत्या के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। लगातार हो रही टारगेट किलिंग से आतंकवादी संगठनों में डर का माहौल बन गया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह सिलसिला कहां जाकर थमेगा, और क्या पाकिस्तान अपनी जमीन पर पल रहे आतंकवाद को खत्म करने में सक्षम होगा या नहीं? यह जनना जरुरी होगा।