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बेंगलुरु में रहने वालों को अब अपने घरों से कचरा उठाने और उसके निपटान के लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। 1 अप्रैल से लागू होने वाले इस डोमेस्टिक वेस्ट कलेक्शन और डिस्पोजल चार्ज को कर्नाटक सरकार ने मंजूरी दे दी है। यह शुल्क प्रॉपर्टी टैक्स बिल में जोड़ा जाएगा। बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) ने पिछले साल नवंबर में इस प्रस्ताव को रखा था, जिसे अब उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अध्यक्षता वाले शहरी विकास विभाग ने हरी झंडी दे दी है।
कितनी होगी नई फीस?
इस चार्ज का स्लैब प्रॉपर्टी के साइज के आधार पर तय किया गया है। 600 स्क्वॉयर फीट तक की प्रॉपर्टी के मालिकों को ₹10 प्रति माह देना होगा, जबकि 4,000 स्क्वॉयर फीट या उससे बड़ी प्रॉपर्टी पर ₹400 प्रति माह का शुल्क लगेगा। 30x40 स्क्वॉयर फीट पर बनी तीन मंजिला इमारत के लिए ₹150 प्रति माह चुकाने होंगे। वहीं, जिन अपार्टमेंट्स या कमर्शियल बिल्डिंग्स से ज्यादा कचरा निकलता है और जो वेस्ट प्रॉसेसिंग एजेंसी का इस्तेमाल नहीं करते हैं, उनसे ₹12 प्रति किलो अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।
सरकार का दावा और जनता की चिंता :
सरकार का कहना है कि यह शुल्क बेंगलुरु में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को सुधारने के लिए अनिवार्य है। पहले से ही प्रॉपर्टी टैक्स के एक हिस्से के रूप में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) चार्ज वसूला जाता है, जिससे सार्वजनिक स्थानों का रखरखाव किया जाता है। अब इस नए शुल्क से हर साल 600 करोड़ रुपये तक की कमाई का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, इस फैसले से शहरवासियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ने की आशंका है। बेंगलुरु में कचरे की बढ़ती समस्या को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है, लेकिन क्या जनता इसे स्वीकार करेगी या इसका विरोध होगा, यह देखना दिलचस्प रहेगा।