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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागपुर दौरे ने सियासी हलचल मचा दी है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने दावा किया कि पीएम मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को यह बताने गए थे कि वह संन्यास लेने वाले हैं और उनके उत्तराधिकारी की कुर्सी महाराष्ट्र के हाथ में होगी।
राउत के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "पीएम मोदी अभी कई सालों तक देश का नेतृत्व करेंगे और 2029 के चुनाव में भी हम उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में देखेंगे। उनके उत्तराधिकारी की तलाश करने की कोई जरूरत नहीं है।" फडणवीस ने राउत पर हमला बोलते हुए कहा कि "किसी नेता के सक्रिय रहते हुए उत्तराधिकारी पर चर्चा करना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। यह मुग़ल संस्कृति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन भारत में ऐसा नहीं होता।"
राउत के दावे ने बढ़ाई हलचल :
संजय राउत ने अपने बयान में कहा कि पीएम मोदी का आरएसएस मुख्यालय जाना इशारा करता है कि संघ परिवार अब देश के नेतृत्व में बदलाव चाहता है। उन्होंने कहा, "पीएम मोदी 10-12 साल में कभी आरएसएस मुख्यालय नहीं गए, लेकिन इस बार वे वहां टाटा-बाय-बाय कहने गए थे।"
हालांकि, आरएसएस के वरिष्ठ नेता सुरेश भैयाजी जोशी ने भी इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पीएम मोदी के संन्यास लेने की किसी भी चर्चा की जानकारी नहीं है। पीएम मोदी ने नागपुर में आरएसएस मुख्यालय का 11 साल बाद दौरा किया था, जिससे कई राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं। लेकिन भाजपा और आरएसएस दोनों ही इसे महज एक नियमित दौरा बता रहे हैं। अब देखना होगा कि इस बयानबाजी के बीच राजनीति किस ओर मोड़ लेती है।