Thursday, 27 February, 2025

बाबरी विध्वंस में आपका हाथ था-‘नहीं पैर था'

पत्रकार के पूछते ही भड़क उठे थे बाल ठाकरे

Pratahkal    24-Jan-2024
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Balasaheb Thackeray - Pratahkal
 
नई दिल्ली (एजेंसी)। हिंदू हृदय सम्राट माने जाने वाले बालासाहेब ठाकरे ना सिर्फ शिव सेना के संस्थापक और मराठी अस्मिता जगाने वाले नेता थे बल्कि राम मंदिर आंदोलन के एक बड़े नेता भी थे। 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में बाबरी विध्वंस में उनकी भी संलिप्तता मानी गई है।
 
हालांकि, वह खुद बाबरी विध्वंस स्थल पर मौजूद नहीं थे, लेकिन माना जाता है कि वह बाबरी ढांचा गिराने की साजिश और रणनीति का वह भी अहम हिस्सा थे।
 
बालासाहेब ठाकरे ने खुद दावा किया था कि उनके संगठन ने मस्जिद गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। शिवसेना संस्थापक अपनी सांप्रदायिक राजनीति के लिए जाने जाते थे। उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस को सही ठहराते हुए कार सेवकों के कार्य की खूब प्रशंसा की थी। ठाकरे ने कहा था कि उन्हें अपने शिव सैनिकों पर गर्व है। ठाकरे ने एक इंटरव्यू में कहा था कि कार सेवकों ने मस्जिद नहीं गिराई बल्कि राम मंदिर को ऊंचा उठाया था। वह अपने उग्र और बेवाक अंदाज के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कहा था कि हमें इस पर कोई शर्म नहीं बल्कि अभिमान है।
 
जब उनसे पूछा गया था कि लोग कहते हैं कि बाबरी विध्वंस के वक्त एक भी शिव सैनिक वहां मौजूद नहीं था, तो ठाकरे ने तपाक से कहा, ऐसा मत कहिए, नहीं तो बड़े शर्म की बात है। हम ज्यादा कहेंगे तो सीबीआई हमारे पीछे लग जाएगी।
 
वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने बाल ठाकरे को उनकी जयंती पर याद करते हुए एक्स पर लिखा है, हिंदू हृदय सम्राट माने जाने 
वाले बालासाहेब ठाकरे को उनकी जयंती पर नमन। वह अयोध्या में भव्य राम मंदिर देखने के लिये बेताब थे। 'आप की अदालत' में मैंने उनसे पूछा, बाबरी मस्जिद गिराने में आप का हाथ था? उन्होंने तुरंत ही कहा, 'हाथ नहीं, पाँव था'। उनकी बेबाकी कमाल की थी। आज वो होते तो रामलला को टाट से ठाठ में पहुँचते देख कर वह बहुत प्रसन्न होते। दिव्य राम मंदिर के लिये नरेंद्र मोदी को आशीर्वाद देते।
 
शिवसेना के मुख पत्र सामना में भी आज संपादकीय में लिखा गया है कि श्रीराम का जन्म अयोध्या में ही हुआ और अयोध्या राम की ही है, ऐसा दृढ़ता से कहने वाले और उसके लिए उठे आंदोलन में संघर्ष की समिधा डालने वाले नेताओं में शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे का नाम सबसे ऊपर है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी का वर्तमान नेतृत्व इसके लिए ठाकरे साहब का आभारी नहीं है।
 
संपादकीय में लिखा गया है, भाजपा का अयोध्या उत्सव का मकसद देश को राम के नाम पर सिर्फ 'मोदी-मोदी' कराना होगा और इस पाखंड को बेनकाब करने के लिए आज शिवसेना प्रमुख की ही जरूरत थी। शिवसेना प्रमुख का अस्तित्व सत्य और नैतिकता की राजनीति की ताकत थी। आज हमारे देश से सत्य और नैतिकता समाप्त हो चुकी है और देशभक्ति के गोवर्धन को अपनी उंगली पर धारण करने हेतु शिवसेना प्रमुख नहीं हैं।
 
बाल ठाकरे का जन्म 23 जनवरी, 1926 को महाराष्ट्र के पुणे में केशव सीताराम ठाकरे के घर हुआ था। बाल ठाकरे ने अपने करियर की शुरूआत एक कार्टूनिस्ट के रूप में की थी। बाद में उन्होंने शिव सेना नामक एक राजनीतिक दल की स्थापना की थी। वह हिन्दुत्व के कट्टर समर्थक थे।