9 फर. से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र, पहली बार अलग कृषि बजट होगा पेश, स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डवलपमेंट बोर्ड बनाने को मंजूरी

राजस्थान की गहलोत सरकार का विधानसभा बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा।
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  राजस्थान की गहलोत सरकार का विधानसभा बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा। सीएम अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव अप्रूव्ड किया गया । जिसे राज्यपाल को भेजा जाएगा। राज्यपाल कलराज मिश्र विधानसभा बजट सत्र आहूत करने की आज्ञा जारी करेंगे। कैबिनेट बैठक में राजस्थान इंडस्ट्री एग्रो बोर्ड सहित करीब आधा दर्जन प्रस्तावों को भी अप्रूव्ड किया गया है। राज्य में पहली बार अलग कृषि बजट पेश होगा। जिसके लिए कृषि और वित्त विभाग के अधिकारियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेश सरकार किसानों की आय़ को दोगुनी करने की तैयारियों के रूप में कृषि बजट को लेकर चल रही है। किसानों के कृषि बजट में कई तरह की रियायतें दी जाएंगी।

राजस्थान स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डवलपमेंट बोर्ड बनाने की मंजूरी

कैबिनेट ने कृषि मार्केटिंग सिस्टम को मजबूत कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए राजस्थान स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डवलपमेंट बोर्ड के गठन को मंजूरी दी है। यह बोर्ड किसानों को एग्रो-प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से जोडऩे के लिए रोड मैप तैयार करेगा। कैबिनेट ने पुरातत्व और संग्रहालय विभाग के क्यू्रेटर पद की शैक्षणिक योग्यता में संशोधन करने का फैसला लिया है। इस फैसले से इतिहास के स्टूडेंट्स के साथ ही म्युजियोलॉजी के कैंडिडेट्स भी इस पोस्ट के लिए कॉम्पिटिटिव एग्जाम में बैठ सकेंगे। संग्रहालयों के मैनेजमेंट को नई तकनीक और साइंटिफिक मैथड से किया जा सकेगा। कैबिनेट ने भू-जल विभाग में जूनियर भू-भौतिकविद् की पोस्ट 75 प्रतिशत सीधी भर्ती और 25 प्रतिशत प्रमोशन से भरने की जगह 50 प्रतिशत सीधी भर्ती और 50 प्रमोशन से भरने का फैसला लिया है। इसके लिए राजस्थान भू-जल सेवा नियम-1969 में संशोधन को मंजूरी दी है। प्रमोशन के लिए न्यूनतम अनुभव 2 वर्ष की जगह 5 साल करने को भी मंजूरी दी है।

सहकारिता विभाग के संविदा फार्मासिस्टों को भर्ती में बोनस मार्क्स का फायदा

कैबिनेट ने राजस्थान मेडिकल एंड हेल्थ सबॉर्डिनेट सर्विस रूल्स-1965 (संशोधित) के नियम 19 में संशोधन को स्वीकृति दी है। इससे सहकारिता विभाग में संविदा पर लगे फार्मासिस्टों को भर्ती में बोनस मार्क्स का फायदा मिलेगा। उच्च शिक्षा में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए व्यास विद्यापीठ यूनिवर्सिटी जोधपुर विधेयक-2021 के फॉर्मेट को भी अप्रूव किया गया है। ये विधेयक विधानसभा में पेश कर यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी।


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