Friday , 18 October 2019
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71 वर्षों में भारत पहली बार आस्ट्रेलिया में प्रबल दावेदार

11 टेस्ट सीरीज में एक भी नहीं जीती, 3 ड्रा
नई दिल्ली। भारतीय टीम का विदेशी जमीन पर टेस्ट रिकॉर्ड बेशक शानदार नहीं है लेकिन कप्तान विराट कोहली की अगुवाई में विश्व की नंबर एक टीम इंडिया इस बार आस्ट्रेलिया दौरे में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है।
भारत की दावेदारी को न केवल भारतीय खिलाडिय़ों ने बल्कि आस्ट्रेलिया के दूसरे सबसे सफल कप्तान स्टीव वॉ का भी मानना है कि भारत के पास इस बार 6 दिसंबर से शुरू होने वाली चार टेस्टों की सीरीज में जीत हासिल करने का सुनहरा मौका है।
भारत ने 1947-48 में पहली बार आस्ट्रेलिया का दौरा किया था और पांच टेस्टों की सीरीज 0-4 से गंवा दी थी। भारत ने अपने इतिहास में अब तक आस्ट्रेलियाई जमीन पर 11 सीरीज खेली हैं लेकिन वह एक बार भी आस्ट्रेलिया में सीरीज नहीं जीत सका है। इन 11 टेस्ट सीरीज में भारत ने 3 सीरीज ड्रॉ खेली हैं।
टीम इंडिया ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ कुल 94 टेस्ट खेले हैं जिनमें से उसने 26 जीते हैं, 41 हारे हैं, एक टाई रहा है और 26 ड्रॉ खेले हैं। भारत ने आस्ट्रेलियाई जमीन पर 44 टेस्ट खेले हैं जिनमें से उसने 5 जीते हैं 28 हारे हैं और 10 ड्रॉ खेले हैं। इसी तथ्य से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारतीय टीम को आस्ट्रेलियाई जमीन पर कितना संघर्ष करना पड़ा है।
आस्ट्रेलियाई टीम में कप्तान स्टीवन स्मिथ, ओपनर डेविड वार्नर और बल्लेबाज कैमरन बेनक्रॉफ्ट नहीं हैं जो बॉल टेम्पङ्क्षरग प्रकरण के चलते प्रतिबंधित हैं। यह माना जा रहा है कि इन तीन खिलाडिय़ों खासतौर पर स्मिथ और वार्नर की गैर मौजूदगी में आस्ट्रेलियाई टीम कमजोर पड़ जाएगी। लेकिन आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हमेशा अपनी जमीन पर मजबूत माने जाते हैं।
वर्ष 1980 के आसपास कैरी पैकर सीरीज के चलते जब कई दिग्गज आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी टीम से बाहर थे तब भारतीय टीम ने आस्ट्रेलिया का दौरा किया था। उस समय माना जा रहा था कि भारतीय टीम कमजोर पड़ी आस्ट्रेलियाई टीम से सीरीज जीत लेगी लेकिन तीन मैचों की वह सीरीज 1-1 की बराबरी पर छूटी थी।
विराट की टीम को पहले से काफी भाव दिया जा रहा है और कई बार यह आस्ट्रेलियाई रणनीति का भी हिस्सा होता है कि विदेशी टीम को पहले से प्रबल दावेदार माना जाए ताकि वह अति आत्मविश्वास में गलतियां करने लगे। विराट एंड कंपनी को इस बात से सतर्क रहना होगा।
भारत ने 1947-48 में आस्ट्रेलिया में अपनी पहली सीरीज 0-4 से गंवायी थी। भारत ने इसके बाद 1967-68 में आस्ट्रेलिया का दौरा किया और चार मैचों की सीरीज 0-4 से गंवा दी। वर्ष 1977-78 की सीरीज सबसे अधिक रोमांचक रही थी जिसे आस्ट्रेलिया ने 3-2 से जीता था। 1980-81 की तीन मैचों की सीरीज 1-1 से ड्रॉ रही। 1985-86 में तीन मैचों की सीरीज में सभी टेस्ट ड्रॉ रहे जबकि 1991-92 में भारत ने पांच मैचों की सीरीज 0-4 से गंवायी।
वर्ष 1999-2000 में भारत ने तीन मैचों की सीरीज 0-3 से गंवायी लेकिन 2003-04 में चार मैचों की सीरीज 1-1 से ड्रॉ खेली। इसके बाद भारत ने 2007-08 में चार मैचों की सीरीज 1-2 से, 2011-12 में चार मैचों की सीरीज 0-4 से और 2014-15 में चार मैचों की आखिरी सीरीज 0-2 से गंवायी।
मौजूदा कप्तान विराट इस समय भारत के दूसरे सबसे सफल कप्तान हैं। वह अपनी कप्तानी में 42 मैचों में 24 मैैच जीत चुके हैं। यदि वह इस दौरे के सभी चार मैच जीतने में कामयाब होते हैं तो वह महेंद्र ङ्क्षसह धोनी (27 जीत) को पीछे छोड़कर देश के सबसे सफल कप्तान बन जाएंगे।
इस सीरीज में भारत की बादशाहत दाव पर रहेगी। भारत इस समय 116 अंकों के साथ टेस्ट रैंङ्क्षकग में शीर्ष पर बना हुआ है हालांकि उसने अपनी पिछली दो विदेशी सीरीज दक्षिण अफ्रीका से 1-2 से और इंग्लैंड से 1-4 से गंवाई थी और अब उसे ऑस्ट्रेलिया से चार टेस्टों की सीरीज में भिडऩा है। इसी दौरान पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन टेस्टों की सीरीज होनी है।

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