गोगुंदा-बागोलिया में 24 घंटे में 4 इंच बारिश- मदार में 4 फीट पानी आया, डेलवास और दो नदी बांध छलके

गोगुंदा-बागोलिया में 24 घंटे में 4 इंच बारिश- मदार में 4 फीट पानी आया, डेलवास और दो नदी बांध छलके
Share

उदयपुर (नगर संवाददाता)।  उदयपुर में बरसात का दौर जारी है। सितम्बर के महीने का पहला सप्ताह अबतक उदयपुर में मानूसन के लिहाज से बढिय़ा रहा है। मंगलवार को भी उदयपुर के कई इलाकों में बरसात हुई। दिनभर तेज धूप और उमस बरसने के बाद दोपहर 3 बजे बाद बादल छाने लगे। वहीं, 4 बजे के बाद शहर के कई इलाकें में तेज बरसात हुई। बरसात होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। शहर के साथ-साथ ग्रामीण और कैचमेंट इलाकों में भी बादल बरसे।

पिछले 24 घंटे में उदयपुर के ग्रामीण इलाकों में विशेष तौर से अच्छी बरसात देखने को मिली। सबसे ज्यादा बरसात गोगुंदा में हुई। इस मानसून में पहली बार 24 घंटे में उदयपुर के किसी हिस्से में 100 एमएम बरसात दर्ज हुई। गोगुंदा में 101 एमएम बरसात दर्ज की गई। वहीं, बागोलिया में 95 एमएम बरसात हुई। इसके अलावा झाड़ोल में 35 एमएम, देवास में 32 एमएम, मदार में 14 एमएम और वल्लभनगर में 4 एमएम बरसात दर्ज की गई। उदयपुर में अतबक कुल 334 एमएम औसत बरसात हो चुकी है।

मदार में 4 फीट पानी आया, देवास में भी बढ़ा पानी

उदयपुर के ग्रामीण इलाके और झीलों के कैचमेंट क्षेत्र में इस सप्ताह हो रही अच्छी बरसात का असर बांधों पर दिखने लगा है। सोमवार को जहां खेरवाड़ा का दो नदी बांध ओवरफ्लो होकर छलका। वहीं, मंगलवार को सराड़ा का डेलवास तालाब छलक गया। इसकी क्षमता 20 फीट है। यहां दो इंच की चादर चल रही है।

इधर उदयपुर के बड़े बांधों में भी पानी की आवक होने लगी है। गोगुंदा में हुई जबरदस्त बरसात का असर रहा कि 24 फीट क्षमता वाला मदार लगभग 18 फीट भर चुका है। इसमें 4 फीट पानी आया है। इस बांध के पूरा भरने से उदयपुर की फतहसागर झील को पानी मिलता है। वहीं, देवास बांध का भी जलस्तर बढ़कर 17 फीट 6 इंच हो चुका है। इसके पूरा भरने से पीछोला झील को इसका पानी मिलता है। वहीं मादड़ी का जलस्तर पर भी लगभग 15 फीट पर पहुंच चुका है।

सलूम्बर और सराड़ा में बिजली -गिरने से दो महिलाओं की मौत

उदयपुर। जिले के सलूम्बर और सराड़ा थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई। इस दौरान चपेट में आने से एक युवक झुलस गया और एक मोर की भी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार सलूम्बर के अगारिया में मंगलवार नाथी बाई मीणा गांव के समीप खेत में काम कर रही थी। जैसे ही बरसात तेज हुईए महिला बचने के लिए पेड़ के नीचे आकर खड़ी हो गई। जहां पर बिजली गिरने से मौत हो गई। आकाशीय बिजली गिरने से महिला और पास बैठे हुए मोर की मौके पर ही मौत हो गई। इसी तरह सोमवार को सवीता मीणा (40) पत्नी रामलाल मीणा निवासी पाल सड़क बरसात के दौरान अपने घर के पिछवाड़े बकरियों को बांध रही थी उस दौरान आकाशीय बिजली गिरने से सविता मीणा की मौके पर ही मौत हो गई।


Share