Sunday , 24 March 2019
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38-38 सीटों पर लड़ेंगे, कांग्रेस बाहर

सपा-बसपा गठबंधन

लखनऊ (एजेंसी)। कभी एक दूसरे की साथी रहीं समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने शनिवार को करीब 25 साल बाद एक बार फिर साथ आने का ऐतिहासिक ऐलान कर दिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बसपा मुखिया मायावती ने इसका ऐलान किया। यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 पर सपा-बसपा चुनाव लड़ेंगी। गठबंधन से कांग्रेस को बाहर रखा गया है लेकिन गांधी परिवार के परंपरागत गढ़ अमेठी और रायबरेली में गठबंधन उम्मीदवार नहीं उतारेगा। मायावती ने कहा कि बाकी 2 सीटें अन्य दलों के लिए रखा गया है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि जिस तरह 1993 में हमने साथ मिलकर भाजपा को हराया था, वैसे ही इस बार उसे हराएंगे। प्र.म. दावेदार कौन होगा, इस सवाल को अखिलेश ने चतुराई से टालते हुए कहा कि यूपी अक्सर देश को प्रधानमंत्री देता है, प्र.म. यूपी से ही हो तो अच्छा रहेगा।
मायावती के बयान में दिखी गेस्ट हाउस कांड की कसक : बसपा सुप्रीमो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कम से कम 2 बार काफी जोर देकर 1995 के गेस्ट हाउस कांड का जिक्र किया और कहा कि उनकी पार्टी ने जनहित के लिए उसे भूलकर सपा के साथ गठबंधन का फैसला किया है। मायावती ने कहा, लोहियाजी के रास्ते पर चल रही समाजवादी पार्टी के साथ 1993 में मान्यवर कांशीराम और मुलायम सिंह यादव द्वारा गठबंधन करके चुनाव लड़ा गया था। हवा का रूख बदलते हुए भाजपा जैसी घोर सांप्रदायिक और जातिवादी पार्टी को हराकर सरकार बनी थी। लखनऊ गेस्ट हाउस कांड से ऊपर जनहित को रखते हुए एक बार फिर देश में उसी तरह के दूषित और साम्प्रदायिक राजनीति को हराने के लिए हाथ मिलाया है।

गठबंधन से घबराकर भाजपा रचेगी साजिश : अखिलेशसंयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस गठबंधन से भाजपा घबरा गई है और वह तरह-तरह की साजिशें रच सकती है। उन्होंने सपा-बसपा कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा, गठबंधन से घबराकर भाजपा तरह-तरह से परेशान करने की साजिश कर सकती है, दंगा-फसाद का प्रयास भी कर सकती है लेकिन हमें संयम के साथ हर साजिश को नाकाम करना है।
‘मायावती का सम्मान मेरा सम्मानÓ : अखिलेश ने सपा कार्यकर्ताओं से खास तौर पर अपील की कि वे मायावती का उतना ही सम्मान करें, जितना उनका करते हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा, सपा कार्यकर्ता यह बात गांठ बांध ले कि मायावती जी का सम्मान मेरा सम्मान है, उनका अपमान मेरा अपमान है।…मायावतीजी का देशहित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद देता हूं। समय के साथ दोनों पार्टियों (शेष पेज 8 पर)यह प्रेस कॉन्फे्रेंस गुरू-चेले की नींद उड़ाने वाली : मायावती लखनऊ के होटल ताज में प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरूआत में बसपा सुप्रीमो ने कहा कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस प्र.म. मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह यानी गुरू-चेले की नींद उड़ाने वाली है। उन्होंने कहा कि 1990 के आस-पास भाजपा के जहरीले माहौल की वजह से आम जनजीवन प्रभावित था और जनता त्रस्त थी। आज भी वैसा ही माहौल है और हम एक बार फिर उन्हें हराएंगे।
‘गठबंधन नई राजनीतिक क्रांति की शुरूआतÓ : मायावती ने गठबंधन को नई राजनीतिक क्रांति का आगाज बताया। उन्होंने कहा, नए वर्ष 2019 में यह एक प्रकार की नई राजनीतिक क्रांति की शुरूआत है। गठबंधन से समाज की बहुत उम्मीदें जग गई हैं। यह सिर्फ 2 पार्टियों का मेल नहीं है बल्कि सर्वसमाज का मेल है। यह सामाजिक परिवर्तन और मिशनरी लक्ष्यों को प्राप्त करने का आंदोलन बन सकता है। (शेष पेज 8 पर)

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