Monday , 19 November 2018
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351 फीट ऊंची शिव प्रतिमा

मिराज ग्रुप को जमीन आंवटित
२८ करोड़ होंगे पालिका कोष में जमा
जगदीश सोनी & नाथद्वारा
राज्य सरकार ने मिराज ग्रुप के तद्पद्म प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही 351 फीट ऊंची शिव प्रतिमा के लिए पच्चीस बीघा जमीन का कीमतन आवंटन कर दिया है। राज्य सरकार के स्वायत शासन विभाग की ओर से 5 अक्टूबर को जारी आदेश में उक्त आशय की सूचना नगरपालिका, नाथद्वारा के आयुक्त को दी गई है।
विभाग के आदेश में बताया गया कि राज्य सरकार ने शिव प्रतिमा एवं मनोरजंन पार्क के प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन नीति- 2015 के अनुसार मंत्रिमण्डल आज्ञा क्रमांक 195/2018 के अनुसार कुल पच्चीस बीघा दस बिस्वा भूमि अब मिराज ग्रुप को आरक्षित दर की दस प्रतिशत कीमत पर दी जा सकेगी। इस जमीन की आरक्षित दर की दस प्रतिशत राशि लगभग बीस करोड तथा आठ साल की लीज राशि एक मुस्त देने पर आठ करोड हो कर कुल 28 करोड रूपए पालिका कोष में जमा होगें जिससे नाथद्वारा नगर पालिका की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
यह रहेगी आवंटन की शर्तें : परियोजना में मास्टर प्लान के प्रस्तावित भू-उपयोग में अनुुज्ञेय गतिविधियां ही संचालित की जाएगी। परियोजना में आमोद-प्रमोद के लिए आवश्यक सुविधाएं, वाटर पार्क, लेंड स्केप, गार्डन व ऑपन थियेटर अनुज्ञेय होंगे। परियोजना क्षैत्र में कुल क्षैत्रफल का अधिकतम 10 प्रतिशत निर्माण हेतु अनुज्ञेय होगा। कुल क्षैत्रफल के न्युनतम 50 प्रतिशत भाग पर सघन वृक्षारोपण करना होगा।
कंपनी को 5 वर्ष के अंदर परियोजना विकसित करनी होगी। यदि 5 वर्ष की अवधि में निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया जाता है तो राज्य सरकार द्वारा यह अवधि 2 वर्ष के लिए शुल्क निर्धारित करते हुए बढ़ाई जा सकेगी। कुल 7 वर्ष की अवधि में भी परियोजना पूर्ण नहीं होने की स्थिति में भूमि का आवंटन स्वत: ही निरस्त माना जावेगा।
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भूमि का आवंटन 99 वर्ष की लीज पर होगा।
वार्षिक शहरी जमाबंदी नजराना राशि के 05 प्रतिशत प्रतिवर्ष के हिसाब से देय होगी, परन्तु प्रथम 5 वर्ष की अवधि के लिए 2.5 प्रतिशत की दर से ली जावेगी। यह राशि प्रत्येक वर्ष 31 मार्च तक स्थानीय निकाय के कोष में जमा करवानी होगी।
राज्य हित व विशेष परिस्थितियों में राज्य सरकार/स्थानीय निकाय/जिला कलेक्टर उक्त आवंटित भूमि व उस पर निर्मित भवन का अस्थाई रूप से प्रयोग में ले सकेगा जिसके लिए कोई राशि देय नहीं होगी।
इस भूमि आवंटन व प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है या नहीं इसे हेतु जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया जाएगा जिसमें नगर पालिका आयुक्त, क्षैत्रीय सहायक नगर नियोजक एवं कोषाधिकारी राजसमंद होगे।

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