330 करोड़ की संपत्ति जब्त, उ. प्र. में बाहुबलियों की उड़ी नींदें

330 करोड़ की संपत्ति जब्त
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लखनऊ (एजेंसी)। यूपी की राजनीति में सरकार बनाने और बिगाडऩे में शामिल रहने वाले माफिया और अपराधियों के पैरों के नीचे से 41 महीने के अंदर यूपी सरकार ने जमीन खिसका दी है। खासतौर से पूर्वांचल के बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद और पश्चिम यूपी के अनिल दुजाना और सुंदर भाटी गैंग पर लगातार कार्रवाई की जा रहीं हैं। इन माफिया समेत यूपी के करीब 40 अपराधियों की 330 रू. करोड़ की संपत्तियां गैंगस्टर ऐक्ट के तहत कुर्क और जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा करोड़ों की संपत्तियां कार्रवाई की जद में हैं।

लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने गुरूवार को डालीबाग में मुख्तार अंसारी के कब्जे से कीमती जमीन खाली करवाई और उस पर हुए अवैध निर्माण को ढहा दिया। वहीं, प्रयागराज में पुलिस प्रशासन ने माफिया अतीक अहमद की 25 करोड़ की संपत्तियों को जब्त कर लिया। एक समय सरकारें बनाने और बिगाडऩे में अहम भूमिका निभाने वाले इन दोनों माफिया के आर्थिक साम्राज्य पर सरकार लगातार चोट कर रही है। खासतौर से बिकरू कांड के मुख्य आरोपित विकास दुबे के घर पर बुलडोजर चलवाने के बाद माफिया के खिलाफ कार्रवाई के अभियान ने जो तेजी पकड़ी है, वह नजीर बन रही है।

गैंगस्टर ऐक्ट के 495 मुकदमों में जब्त हुईं संपत्तियां

योगी सरकार के सत्ता संभालने के बाद से प्रदेश भर में गैंगस्टर ऐक्ट के तहत अब तक 10,484 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 495 मुकदमों में करीब 330 करोड़ रूपये की संपत्तियां जब्त और कुर्क की जा चुकी हैं। आगरा जोन में 48 करोड़, वाराणसी जोन में 47 करोड़, नोएडा कमिश्नरेट में 28 करोड़ और बरेली जोन में 25 करोड़ की संपत्तियां जब्त हो चुकी हैं। इसमें नोएडा कमिश्नरेट में सुंदर भाटी की करीब 10 करोड़ की, अनिल दुजाना की ढाई करोड़ की, आजमगढ़ में कुंटू सिंह की करीब 10 करोड़ की संपत्तियां शामिल हैं।

अतीक अहमद के गैंग पर भी लगातार चोट

अतीक अहमद और उसके गैंग की गुरूवार को जब्त हुई 25 करोड़ की संपत्तियों के अलावा उसके परिवार के 12 लाइसेंसी असलहे रद्द किए जा चुके हैं। अतीक की लाइसेंसी पिस्टल और एनपीबी रायफल को बरामद कर खुल्दाबाद में जमा करवाया चुका है। इसके अलावा अतीक की पत्नी व भाई के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। भाई अशरफ की लाइसेंसी पिस्टल को धूमनगंज थाने में जमा करवाया गया। तीन जुलाई को अशरफ को गिरफ्तार भी किया गया। अतीक अहमद गैंग से जुड़े 26 लोगों के भी असलहों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं।

अतीक की दो और कीमती प्रापर्टी भी जल्द होगी जब्त

वर्ष 2020 में अतीक के नौ गुर्गों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। गैंग के 39 लोगों की हिस्ट्रीशीट खुल चुकी है। अतीक अहमद की 16 फर्मों को चिह्नित किया गया है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। इसके अलावा अतीक की दो और कीमती प्रापर्टी भी जल्द ही जब्त की जाएंगी। प्रयागराज पुलिस ने अतीक अहमद के छह बैंक खातों को भी सीज किया गया है। इसके अलावा 6 प्लॉट, छह मकान, एक जिप्सी और एक लैंड क्रूजर गाड़ी भी जब्त की गई है।

मुख्तार अंसारी गैंग पर जारी है ऐक्शन

मुख्तार अंसारी और उसके गैंग से जुड़े लोगों की करीब 70 करोड़ की संपत्तियां गैंगस्टर ऐक्ट के तहत जब्त और कुर्क की जा चुकी हैं। इसके अलावा गाजीपुर में एयरपोर्ट के लिए आवंटित जमीन को मुख्तार के कब्जे से मुक्त करवाया गया है। इसकी कीमत करीब 30 करोड़ है। यहां अवैध रूप से चलाए जा रहे करीब नौ करोड़ कीमत के हॉट मिक्स प्लांट को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। आजमगढ़ में भी मुख्तार के गैंग के कब्जे से सरकारी जमीन खाली करवाई गई है। गाजीपुर में मुख्तार के करीबी रिश्तेदारों के नाम पर चल रही विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी से कीमती साढ़े पांच बीघ जमीन खाली कराई गई है। यहां भी अवैध निर्माण थे।

मुख्तार के करीबी मछली माफियाओं के खिलाफ भी कार्रवाई

पुलिस ने बीते कुछ माह में मुख्तार के करीबी मछली माफियाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की है। मुख्तार गैंग को मछली कारोबार से सालाना करीब 35 करोड़ की आय होती थी। पुलिस प्रशासन ने वाराणसी में मुख्तार के करीबी सलीम मछली वाले, जौनपुर में रविंद्र निषाद (4.73 करोड़) और मऊ में पारस सोनकर (8.17 करोड़) की संपत्तियां जब्त की हैं। इसके अलावा अवैध स्लॉटर हाउस से मुख्तार और उसके गैंग को सालाना होने वाली तीन करोड़ की कमाई भी रुक गई है।

कोयला माफिया उमेश सिंह की साढ़े 6 करोड़ की संपत्तियां जब्त

मुख्तार के करीबी कोयला माफिया उमेश सिंह की साढ़े छह करोड़ की संपत्तियां जब्त की गई हैं। इसके अलावा किफायतउल्ला व झुन्ना पंडित को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और इनकी 70 लाख की संपत्तियां जब्त की गई हैं। मुख्तार गैंग की सालाना 41 करोड़ की कमाई रोक दी गई है। इसके अलावा गैंग के 97 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। गैंगस्टर ऐक्ट के तहत 75 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 75 लाइसेंसी असलहों के निरस्तीकरण और निलंबन की कार्यवाही चल रही है। सात सहयोगी ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है जबकि गैंग के 12 लोगों को गुंडा ऐक्ट के तहत जिला बदर किया गया है।

कई और संपत्तियां निशाने पर

जिला प्रशासन की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक निष्क्रांत जमीन के तौर पर चार प्लॉटों का जिक्र किया गया है। ऐसे में खाली करवाई गई जमीन के आसपास बनी कुछ और इमारतों पर कार्रवाई की आशंका है। हालांकि पूरे मामले पर अधिकारी चुप्पी साधे हैं। हजरतगंज व आसपास के इलाकों की 19 संपत्तियों में मुख्तार समेत अन्य माफियाओं के लिंक को खंगाला जा रहा है। इसमें 12 संपत्तियां हजरतगंज-रामतीर्थ वॉर्ड और 9 संपत्तियां राजा राममोहन राय वॉर्ड में हैं।

ईडी को भी भेजी जाएगी रिपोर्ट

माफिया मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, सुंदर भाटी, अनिल दुजाना समेत जिन अपराधियों की करोड़ों की संपत्तियां सामने आई हैं और जब्तीकरण की कार्रवाई हुई है उनके खिलाफ यूपी पुलिस जल्द ही ईडी को रिपोर्ट भेजेगी। ताकि इनकी संपत्तियों और हवाला के जरिए काली कमाई के स्रोतों का खुलासा हो सके।


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