2021 में एक साथ 3 कुंभ मेले

2021 में एक साथ 3 कुंभ मेले
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नई दिल्ली (एजेंसी)। अगले वर्ष संवत् 2078 अर्थात् 2021 में एक महाकुंभ और दो अर्ध कुंभ का संयोग बन रहा है। तीन-तीन कुंभ महापर्व का ऐसा महासंयोग सैकड़ों वर्षों में एक बार आता है। महाकुंभ पर्व का संयोग 12 वर्ष बाद आता है और यह इस सदी का दूसरा महाकुंभ है। हरिद्वार में इस बार इस महाकुंभ का संयोग बना है। अर्धकुंभ महापर्व का संयोग प्रत्येक 6 वर्ष बाद बनता है।

शास्त्रों में लिखा है जब बृहस्पति कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं तब हरिद्वार में महाकुंभ का पुण्य अवसर आता है। 5 अप्रैल 2021 को बृहस्पति कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। चैत्र नवरात्रि 14 अप्रैल 2021 दिन बुधवार से हरिद्वार महाकुंभ पर्व में आरंभ हो जाएगा और उसके पुनीत अवसर एवं स्नान दो-तीन माह पहले ही आरंभ होंगे इसलिए 14 जनवरी से ही इससे महाकुंभ का आगाज हो जाएगा।  मुख्य शाही स्नान 11, 12  और 14 अप्रैल को होगा। इस महाकुंभ पर्व में संन्यासी, वैष्णव, उदासीन एवं निर्मल संप्रदाय के 13 अखाड़े स्नान करते हैं। हरिद्वार के महाकुंभ के साथ-साथ इस वर्ष उज्जैन और नासिक में अर्ध कुंभ का भी पुनीत अवसर मिलेगा। वैशाख पूर्णिमा 26 मई 2021 बुधवार के दिन से  उज्जैन  में क्षिप्रा नदी के पावन तट पर अर्ध कुंभ का आयोजन होगा। उज्जैन  में स्नान 14 मई  से आरंभ हो जाएंगे।  महाकाल की नगरी उज्जैन में स्नान की तिथियां 17, 19,23 और 24 मई रहेंगी। मुख्य स्नान, शाही स्नान 26 मई वैशाख पूर्णिमा को होगा। नासिक में भी इस बार कुंभ के गुरू और सिंह के सूर्य होने पर भाद्रपद मास की अमावस्या से नासिक में गोदावरी नदी के तट पर अर्ध कुंभ का संयोग बनेगा। स्नानार्थी एवं श्रद्धालु 30 अगस्त से नासिक में पहुंचना आरंभ हो जाएंगे।


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