दूसरा टेस्ट मैच आज से 7 सीधा प्रसारण दोपहर 1.30 बजे से, सीरीज में 1-0 से आगे है भारतीय टीम, सीरीज कब्जाने उतरेगी जोहानसबर्ग में अजेय टीम इंडिया

2nd test match today 7 live broadcast from 1.30 pm, the Indian team is 1-0 ahead in the series, the invincible team India in Johannesburg to grab the series
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अभ्यास में जुटे श्रेयस, लेकिन मौका मिलना मुश्किल

जोहानसबर्ग (एजेंसी)। दक्षिण अफ्रीका के अभेद्य दुर्ग को फतह करने के बाद कप्तान विराट कोहली के सूरमा वांडरर्स के अपने अभेद्य दुर्ग में सोमवार से होने वाले दूसरे क्रिकेट टेस्ट में सीरीज में 2-0 की अपराजेय बढ़त बनाने के मजबूत इरादे से उतरेंगे। भारत ने सेंचुरियन में पहला टेस्ट पांचवें और अंतिम दिन दूसरे सत्र में 113 रन से जीत लिया था। भारतीय टीम का इरादा अब अपने अपराजेय क्रम को बरकरार रखते हुए दूसरे टेस्ट में जीत हासिल करना होगा।  वांडरर्स के मैदान में भारतीय टीम पिछले 30 वर्षों से अपराजित रही है। भारत ने 2017-18 के पिछले दौरे में दक्षिण अफ्रीका को इसी मैदान पर 63 रन से पराजित किया था। भारतीय टीम दूसरे टेस्ट में इसी लय को बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी।

टीम इंडिया ने पिछले साल का समापन जीत के साथ किया था और नए साल का आगाज भी वह जीत के साथ करना चाहेगी। भारतीय टीम में परिवर्तन की कोई गुंजाइश नजर नहीं आती है।  विराट इस मुकाबले में भी वही टीम बरकरार रखना चाहेंगे जिसने सेंचुरियन का किला फतह किया था। ओपङ्क्षनग में उपकप्तान लोकेश राहुल और मयंक अग्रवाल की जोड़ी बनी रहेगी। दोनों के बीच सेंचुरियन में पहले दिन 117 रन की ओपङ्क्षनग साझेदारी और पहले दिन बने 272 रनों ने भारत की जीत का आधार रखा था। मैच में एक पूरा दिन बारिश के कारण बेकार चला गया था इसके बावजूद भारत ने मेजबानों को दोनों पारियों में 197 और 191 रन पर समेट दिया था। भारत ने हालांकि दूसरी पारी में 174 रन ही बनाये थे लेकिन पहली पारी में मिली 130 रन की बढ़त ने उसकी जीत का मार्ग प्रशस्त किया था।

भारत के तेज गेंदबाजों खासतौर पर जसप्रीत बुमराह के शुरूआती अटैक और मोहम्मद शमी की घातक गेंदबाजी ने मेजबानों को घुटने टेकने के लिए मजबूर किया था। शमी के पहली पारी में पांच विकेट सहित मैच में कुल आठ विकेटों ने भारतीय कप्तान विराट को यह कहने के लिए मजबूर किया था कि शमी इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तीन तेज गेंदबाजों में से एक हैं। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन आश्विन के लिए सेंचुरियन में करने के लिए कुछ खास नहीं था लेकिन उन्होंने लक्ष्य का पीछा कर रहे दक्षिण अफ्रीका के आखिरी दो विकेट लंच के बाद लगातार गेंदों पर निकालकर अपनी उपयोगिता साबित कर दी थी।

भारत की पहले टेस्ट में जीत में एकमात्र ङ्क्षचता चेतेश्वर पुजारा की फॉर्म रही थी जो पहली पारी में शून्य और दूसरी पारी में 16 रन बनाकर आउट हो गए थे। कप्तान विराट का ऑफ स्टंप से बाहर की गेंद पर छेड़छाड़ करते हुए अपना विकेट गंवाना भारत के लिए एक और ङ्क्षचता की बात है। विराट और पुजारा को देखना होगा कि वे वांडरर्स में उसी अंदाज में अपने विकेट न गंवाए। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड  में सीरीज फतह कर चुके भारत के पास अच्छा मौका है कि वह वांडरर्स को भी जीत कर इस फाइनल फ्रंटियर को फतह कर ले।

विराट – पुजारा की जोड़ी वांडरर्स में करेगी ‘वंडर’, दोनों का रिकॉर्ड है दमदार

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला जोहानिसबर्ग के वांडरर्स मैदान पर खेला जाएगा। सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने 113 रनों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। भारतीय कप्तान विराट कोहली वांडरर्स के मैदान पर ही दक्षिण अफ्रीका की धरती पर पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने का कारनामा करना चाहेंगे। इस मैदान पर कोहली की कप्तानी में भारत ने 2018 के दौरे पर टेस्ट मैच भी जीता था।

भारत के तेज गेंदबाज टीम की जीत में अहम भूमिका निभा रहे हैं लेकिन कोहली, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसे सीनियर खिलाडिय़ों का फार्म चिंता का विषय बना हुआ है। खुद भारतीय टेस्ट कप्तान दो सालों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक नहीं लगा सके हैं। सेंचुरियन टेस्ट की पहली पारी में विराट कोहली  ने अच्छी शुरूआत की थी लेकिन ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद को छेडऩा उन्हें महंगा पड़ गया। कोहली दूसरी पारी में भी इसी तरह आउट हुए।

हालांकि, विराट के पास जोहानिसबर्ग के मैदान पर  आलोचकों का मुंह बंद करने का सुनहरा मौका है। भारतीय टेस्ट कप्तान की नजर जोहानिसबर्ग में एक बड़े रिकॉर्ड पर होगी। जोहानिसबर्ग के वांडरर्स मैदान पर कोहली दो टेस्ट मैचों एक शतक और दो अर्धशतक लगा चुके हैं। कोहली ने साल 2013 में यहां 119 और 96 रनों की पारी खेली थी। इस पिच पर विदेशी बल्लेबाजों में न्यूजीलैंड के जॉन रीड ने सबसे ज्यादा 316 रन बनाए हैं। उनके बाद कोहली का नंबर आता है जिन्होंने 310 रन जड़ा है।  तीसरे नंबर पर रिकी पॉन्टिंग (263) और चौथे नंबर पर राहुल द्रविड़  (262) हैं। भारत के तीसरे नंबर के खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा भी पिछले तीन सालों से टेस्ट क्रिकेट में शतक नहीं लगा सके हैं। हालांकि, वांडरर्स के मैदान पर पुजारा का भी कोहली की तरह ही जबरदस्त रिकॉर्ड है। पुजारा ने यहां दो टेस्ट मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक की बदौलत 229 रन बनाए हैं। पुजारा ने साल 2013 में यहां 153 रनों की पारी खेली थी। वहीं, पिछली बार साल 2018 में उन्होंने 50 रनों का योगदान दिया। भारत ने यह मुकाबला 63 रनों से जीता था।

कपिल का रिकॉर्ड तोडऩे से 6 विकेट दूर अश्विन

भारत के करिश्माई ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन हमवतन कपिल  देव का 434 विकेट का भारतीय रिकॉर्ड तोडऩे से मात्र छह कदम दूर हैं।  अश्विन के 82 टेस्टों में 24.14 के औसत से 429 विकेट हैं जबकि कपिल के 131 टेस्टों में 29.64 के औसत से 434 विकेट हैं। अश्विन को सेंचुरियन में हुए पिछले टेस्ट में दूसरी पारी में दो विकेट मिले थे जिससे उनके विकेटों की संख्या 429 पहुंच गयी।  अश्विन को न्यूजीलैंड के महान तेज गेंदबाज रिचर्ड हेडली के 431 विकेटों का रिकॉर्ड तोडऩे के लिए मात्र 3 विकेट की जरूरत है। अश्विन को श्रीलंका के लेफ्ट आर्म स्पिनर रंगना हेराथ (433) को पीछे छोडऩे के लिए 5 विकेट की जरूरत है।


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