206 साल बाद अमेरिकी संसद में ऐसी हिंसा हुई

206 साल बाद अमेरिकी संसद में ऐसी हिंसा हुई
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यूएस कैपिटल हिस्टोरिकल सोसाइटी के डायरेक्टर सैम्युअल हॉलिडे ने सीएनएन को बताया कि 24 अगस्त 1814 में ब्रिटेन ने अमेरिका पर हमला कर दिया था। अमेरिकी सेना की हार के बाद ब्रिटिश सैनिकों ने यूएस कैपिटल में आग लगा दी थी। तब से अब तक पिछले 206 साल में अमेरिकी संसद पर ऐसा हमला नहीं हुआ था।

आखिर विवाद क्या है?

3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव हुआ। बाइडेन को 306 और ट्रम्प को 232 वोट मिले। सबकुछ साफ था। इसके बावजूद ट्रम्प ने हार नहीं कबूली। उनका आरोप है कि वोटिंग और काउंटिंग में बड़े पैमाने पर धांधली हुई। ट्रम्प ने कई राज्यों में केस दर्ज कराए। ज्यादातर में ट्रम्प समर्थकों की अपील खारिज हो गई। दो मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिकाएं खारिज कर दीं। ट्रम्प इशारों में हिंसा की धमकी देते रहे। बुधवार को हुई हिंसा ने साबित कर दिया कि सुरक्षा एजेंसियां ट्रम्प समर्थकों के प्लान को समझने में नाकाम रहीं।

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद जिस बात का डर था, वही हुआ। हिंसा की आशंका थी और ये हुई भी। 4 घंटे चले उपद्रव में 4 लोगों की जान चली गई। 3 नवंबर को ही यह तय हो गया था कि जो बाइडेन दुनिया के सबसे ताकतवर देश के अगले राष्ट्रपति होंगे। जिद्दी डोनाल्ड ट्रम्प फिर भी हार मानने को तैयार नहीं थे। चुनाव में धांधली के आरोप लगाकर वे जनता के फैसले को नकारते रहे। हिंसा की धमकी देते रहे।

वोटिंग के 64 दिन बाद जब अमेरिकी संसद बाइडेन की जीत पर मुहर लगाने जुटी तो अमेरिकी लोकतंत्र शर्मसार हो गया। ट्रम्प के समर्थक दंगाइयों में तब्दील हो गए। यूएस कैपिटल में तोडफ़ोड़ और हिंसा की। यूएस कैपिटल वही बिल्डिंग है, जहां अमेरिकी संसद के दोनों सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट हैं। कुछ वक्त तक संसद की कार्यवाही रोक दी गई। करीब 12 घंटे बाद दोनों सदनों ने जो बाइडेन की जीत पर आखिरकार मुहर लगा दी।

एरिजोना और पेन्सिलवेनिया में बाइडेन की जीत के खिलाफ ट्रम्प की आपत्तियां खारिज कर दी गईं। इसके बाद ट्रम्प ने भी टकराव के तेवर छोड़ दिए। उन्होंने वादा किया कि 20 जनवरी को ‘व्यवस्थित तरीके सेÓ सत्ता बाइडेन को सौंप दी जाएगी।


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