डेढ़ माह में 12 मिसाइल टेस्ट – चीन-पाकिस्तान को सख्त संदेश

डेढ़ माह में 12 मिसाइल टेस्ट - चीन-पाकिस्तान को सख्त संदेश
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नई दिल्ली (एजेंसी)। सीमा पर जबरदस्त तनाव के बीच भारत ने पिछले 45 दिनों में 12 मिसाइलों का सफल परीक्षण किया है। डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) पहले ही कह चुका है कि भारतीय सेनाएं, जैसी मिसाइलें चाहेंगीं, हम बनाकर देंगे।  मिसाइलों के ताबड़तोड़ परीक्षण के जरिए युद्धक तैयारियों के मुजाहिरा में निश्चित तौर पर पाकिस्तान और चीन दोनों के लिए एक तरह का सख्त संदेश छिपा हुआ है। शुक्रवार को अरब सागर में ऐंटी-शिप मिसाइल ने अपने लक्ष्य (एक पुराने जहाज) को ‘बेहद सटीकता’ से मारकर नेस्तनाबूद कर दिया। एक दिन पहले ही, गुरूवार को ऐंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल नाग का सफल परीक्षण किया गया था।  (शेष पृष्ठ ८ पर)

आईएनएस प्रबल से दागी मिसाइल : विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य और कई युद्धपोतों, लड़ाकू हेलिकॉप्टरों, विमानों और नेवी के अन्य उपकरणों को शामिल करने वाले एक व्यापक नौसैनिक अभ्यास के दौरान इस मिसाइल को ‘फ्रंटलाइन कोरवेट आईएनएस प्रबल’ से दागा गया।

सटीक प्रहार…और टारगेट नेस्तनाबूद : नेवी के एक प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर (एक पुराने जहाज पर) अपनी अधिकतम रेंज के साथ सटीकता से वार किया। उन्होंने कहा, इंडियन नेवी के ‘फ्रंटलाइन कोरवेट आईएनएस प्रबल’ से दागी गई ऐंटी-शिप मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर अधिकतम रेंज के साथ सटीकता से वार किया।

नेवी चीफ ने युद्धक तैयारियों को चरम पर रखने की तारीफ की : नेवी चीफ ऐडमिरल करमबीर सिंह ने गुरूवार को नेवी के ‘कैरियर बैटल ग्रुप’ के चुनिंदा अधिकारियों को आईएनएस विक्रमादित्य से किए गए एक प्रसारण के माध्यम से संबोधित किया था और बल की युद्धक तैयारियों की समीक्षा की थी। अधिकारियों ने कहा कि ऐडमिरल सिंह ने अपने संबोधन में पिछले कुछ महीनों के दौरान नेवी की तरफ से युद्धक तैयारियों को चरम पर रखने के लिए बल की सराहना की थी।

सेना जैसी मिसाइल चाहेगी, हम वैसी बनाकर देंगे : डीआरडीओ

इसी महीने डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख सतीश रेड्डी ने बड़ा बयान दिया है। रेड्डी ने कहा कि मिसाइल निर्माण के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बन चुका है और सेना अपने लिए जिस तरह की मिसाइल चाहेगी डीआरडीओ वैसी ही मिसाइल बनाकर देगा। डीआरडीओ चीफ ने कहा, मिसाइल निर्माण के क्षेत्र में, खासकर 5 से 6 सालों में देश ने खुद को जैसे विकसित किया है, उसे देखकर मैं कहना चाहूंगा कि मिसाइल बनाने की दिशा में भारत अब पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुका है। सेना जिस तरह की मिसाइल चाहेगी अब हम वैसी बनाकर दे सकते हैं।


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